16 करोड़ के स्टेशन पुनर्विकास ने बढ़ाई यात्रियों की परेशानी, मुख्य द्वार बंद होने से छूट रही ट्रेनें

दो साल की देरी से चल रहा निर्माण कार्य, आखिरी छोर से प्रवेश के कारण भीड़ और जाम की स्थिति
जगदलपुर। रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया पुनर्विकास कार्य अब यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य के चलते स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। इसका सीधा असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ रहा है।
मुख्य द्वार बंद, आखिरी छोर से हो रही एंट्री
निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को स्टेशन के मुख्य द्वार की बजाय स्टेशन के आखिरी छोर की ओर से प्रवेश करना पड़ रहा है। इससे विशेषकर ट्रेन के आने-जाने के समय यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। सीमित प्रवेश मार्ग के कारण कई बार जाम जैसी स्थिति भी बन रही है।
ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में बढ़ी परेशानी
स्टेशन में प्रवेश के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ने से उन यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है, जो ट्रेन के निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले स्टेशन पहुंचते हैं। भीड़ और प्रवेश व्यवस्था के कारण कुछ यात्रियों के ट्रेन तक नहीं पहुंच पाने की बात भी सामने आ रही है।
दो साल की देरी पर उठ रहे सवाल
स्टेशन के जीर्णोद्धार और पुनर्विकास का काम निर्धारित समय से करीब दो साल पीछे चल रहा है। लंबे समय से निर्माण कार्य जारी रहने के कारण स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और आवाजाही के लिए बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सुविधा के लिए शुरू हुआ काम बना असुविधा का कारण
रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण से भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य के चलते उन्हें रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की मांग है कि निर्माण कार्य को गति देने के साथ प्रवेश और निकासी के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे ट्रेनों तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी न हो।






