पापांकुशा एकादशी का व्रत आज नहीं, कल 22 अक्टूबर को रखा जाएगा

तिथियों के फेर में श्रद्धालुओं के बीच असमंजस, उदयातिथि के अनुसार गुरुवार को व्रत रखना होगा उत्तम
रायपुर। मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाए जाने के बाद अब पापांकुशा एकादशी की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई लोगों के मन में सवाल है कि एकादशी का व्रत बुधवार, 21 अक्टूबर को रखा जाए या गुरुवार, 22 अक्टूबर को। पंचांग के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि बुधवार दोपहर से शुरू होकर गुरुवार दोपहर तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि को मानने वाले श्रद्धालुओं के लिए गुरुवार, 22 अक्टूबर को व्रत रखना उत्तम रहेगा।
आज दोपहर से शुरू होगी एकादशी तिथि
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी पापांकुशा एकादशी का प्रारंभ बुधवार, 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। वहीं, इस तिथि का समापन गुरुवार, 22 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर होगा।
हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों की तिथि निर्धारित करने के लिए उदयातिथि को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी आधार पर इस बार पापांकुशा एकादशी का व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर को रखना उचित माना जा रहा है।
भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व
पापांकुशा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने, व्रत रखने और जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
व्रत से पहले पंचांग का करें ध्यान
एकादशी व्रत को लेकर किसी तरह की दुविधा होने पर श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। व्रत के पारण का समय भी पंचांग के अनुसार निर्धारित करना जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, एकादशी व्रत का पारण निर्धारित समय पर द्वादशी तिथि में किया जाता है।






