तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, एक साल में T20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बने

2026 में 26 कैच लेकर तोड़ा इंडोनेशिया के डैनिलसन हावो का रिकॉर्ड, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल के कैच लपके
क्राइस्टचर्च। भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी फील्डिंग से नया इतिहास रच दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में दो कैच पकड़ते ही उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में बतौर फील्डर सबसे ज्यादा कैच लेने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। तिलक ने 2026 में अब तक 26 कैच लपके हैं और इस उपलब्धि के साथ इंडोनेशिया के डैनिलसन हावो का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने वर्ष 2025 में 25 कैच पकड़े थे।
कम मैचों में बनाया विश्व रिकॉर्ड
तिलक वर्मा ने साल 2026 में 32 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 26 कैच पकड़े हैं। वहीं, डैनिलसन हावो ने 2025 में 41 मैचों में 25 कैच लेकर यह रिकॉर्ड बनाया था। तिलक ने उनसे नौ मैच कम खेलकर ही नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
एक कैलेंडर वर्ष में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर फील्डर सर्वाधिक कैच लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में तिलक अब शीर्ष पर पहुंच गए हैं। इस सूची में संयुक्त अरब अमीरात के मुहम्मद वसीम 24 कैच के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
एक साल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी
- 26 कैच: तिलक वर्मा (भारत), 2026
- 25 कैच: डैनिलसन हावो (इंडोनेशिया), 2025
- 24 कैच: मुहम्मद वसीम (यूएई), 2024
- 21 कैच: शर्विन मुनियांदी (मलेशिया), 2025
- 20 कैच: ब्रायन मसाबा (युगांडा), 2023
- 20 कैच: तंज़ीद हसन (बांग्लादेश), 2025
न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती ओवरों में पकड़े दो कैच
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में तिलक वर्मा ने पारी के शुरुआती तीन ओवरों के दौरान टिम सीफर्ट और डेरिल मिचेल के कैच पकड़े। इन कैचों के साथ ही उनके नाम एक कैलेंडर वर्ष में 26 कैच दर्ज हो गए और उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
तिलक की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और मैदान पर सतर्कता को दर्शाती है। टी-20 जैसे तेज प्रारूप में कैच पकड़ना मैच का रुख बदल सकता है और तिलक ने इस साल अपनी फील्डिंग से भारतीय टीम के लिए अहम योगदान दिया है।
विश्व कप से लेकर द्विपक्षीय सीरीज तक शानदार प्रदर्शन
तिलक वर्मा ने 2026 टी-20 विश्व कप में भी अपनी फील्डिंग का दम दिखाया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के खिलाफ पहले मुकाबले में दो कैच पकड़े, जबकि नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और इंग्लैंड के खिलाफ एक-एक कैच लिया।
8 मार्च को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल में भी तिलक ने दो कैच पकड़े थे। इनमें जैकब डफी का कैच भी शामिल था, जिसके बाद भारतीय टीम की खिताबी जीत सुनिश्चित हुई। वहीं, 15 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेले गए दूसरे टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में उन्होंने तीन कैच लपके थे। मौजूदा न्यूजीलैंड सीरीज के पहले मैच में भी उन्होंने फिन एलन का कैच पकड़ा था।
फील्डिंग में निरंतरता बनी तिलक की ताकत
तिलक वर्मा ने बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी अपनी उपयोगिता साबित की है। एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक कैच लेने का रिकॉर्ड उनके शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है। हालांकि, साल के बाकी मुकाबलों में उनका प्रदर्शन इस रिकॉर्ड को और आगे ले जा सकता है। भारतीय टीम के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है, क्योंकि मजबूत फील्डिंग दबाव वाले मुकाबलों में अतिरिक्त विकेट दिलाने और जीत की संभावनाएं बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।






