छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों के 14 डॉक्टरों का तबादला, 15 दिन के भीतर नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग अनिवार्य

चिकित्सा महाविद्यालयों के सुचारु संचालन के लिए शासन ने जारी किया स्थानांतरण आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थ चिकित्सकों और चिकित्सा अधिकारियों के तबादले किए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 14 प्रोफेसर एवं चिकित्सा अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अलग-अलग चिकित्सा महाविद्यालयों में मिली नई पदस्थापना
स्थानांतरण आदेश के माध्यम से संबंधित चिकित्सकों को उनकी नई पदस्थापना वाले संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि प्रशासनिक आवश्यकताओं और चिकित्सा महाविद्यालयों में मानव संसाधन के बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह फेरबदल किया गया है।
15 दिनों के भीतर ज्वाइन करना होगा
शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरित सभी चिकित्सकों को आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिवस के भीतर नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में नई जगह ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य रहेगा।
समय पर भारमुक्त नहीं करने पर स्वत: माना जाएगा भारमुक्त
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में यदि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को वर्तमान पदस्थापना से भारमुक्त नहीं किया जाता है, तो उसे स्वमेव भारमुक्त माना जाएगा। संबंधित संस्थान के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे स्थानांतरित चिकित्सकों को समय पर कार्यमुक्त करें।
आदेश की प्रति विभाग को भेजने के निर्देश
संबंधित अधिकारियों को स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त किए गए चिकित्सकों की जानकारी और आदेश की प्रति शासन के संबंधित विभाग को भेजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की बात कही है।
चिकित्सा सेवाओं के संचालन पर रहेगा फोकस
सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। नई पदस्थापना के बाद संबंधित चिकित्सकों की जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से प्रभावी होंगी।






