छत्तीसगढ़

200 करोड़ के बैंक फ्रॉड का खुलासा: सूदखोर तोमर बंधुओं की काली दुनिया बेनकाब

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मुख्य समाचार:
हिस्ट्रीशीटर सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर की आपराधिक साम्राज्य की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। ताजा जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करीब 200 करोड़ रुपये का घोटाला कर अवैध तरीके से दौलत और दबदबा खड़ा किया।

जालसाजी का जाल:
जानकारी के अनुसार, तोमर बंधुओं ने सुंदर नगर स्थित दो बैंकों के अफसरों के साथ साठगांठ कर एजेंट विकास शर्मा की मदद से फर्जी आधार और पैन कार्ड पर होम व पर्सनल लोन पास करवाए। लोन की रकम से गाड़ियों की खरीद की गई, जिन्हें बाद में बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल में बेच दिया गया।

इन गाड़ियों की खरीद ‘तोमर मोटर्स’, ‘रोहित ऑटोमोबाइल्स’ और ‘शुभकामना वेंचर्स प्रा. लि.’ जैसी फर्जी कंपनियों के नाम पर की जाती थी। खास बात यह थी कि गाड़ियों की आरसी में हाइपोथिकेशन दर्ज नहीं कराया जाता था, ताकि उन्हें बिना किसी अड़चन के बाहरी राज्यों में बेचा जा सके।

शानो-शौकत और अवैध निर्माण:
जांच में यह भी सामने आया है कि तोमर बंधुओं ने करीब 8,000 वर्गफीट में एक आलीशान बंगला खड़ा किया है, जिसमें से 2,000 वर्गफीट जमीन पर अवैध कब्जा है। हवेली में स्विमिंग पूल, बेसमेंट और एक निजी क्लब भी बनाया गया है।

सूत्रों की मानें तो वीरेंद्र सिंह तोमर आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की कोशिश में जुटा था। वह दावा करता था कि टिकट के लिए करोड़ों खर्च कर देगा। इंटरनेट मीडिया पर वह राजनेताओं के साथ तस्वीरें साझा कर खुद को रसूखदार साबित करने की कोशिश करता था।

प्रशासन सख्त, पोस्टर जारी की तैयारी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच विशेष टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। संभावना है कि जल्द ही तोमर बंधुओं को “भगोड़ा” घोषित कर उनके पोस्टर प्रदेशभर में चस्पा किए जाएंगे। नगर निगम ने भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

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