72 घंटे की मूसलाधार बारिश के बीच बांधों से छोड़ा गया पानी, राजिम में कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का चबूतरा डूबा

राजिम। समूचे राजिम क्षेत्र में पिछले 72 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते खेत-खलिहान, निचले इलाके और नदी-नालों में पानी भर गया है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
कुलेश्वर महादेव मंदिर के चबूतरे तक चढ़ा पानी
इसी बीच जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी ने महानदी के जलस्तर को और बढ़ा दिया है। राजिम में महानदी की धार इस समय उफनती हुई दिखाई दे रही है और संगम क्षेत्र में पानी का फैलाव दूर तक नजर आ रहा है। महानदी की धार देर शाम को कुलेश्वर मंदिर के चबूतरे तक चढ़ गया है।
गंगरेल और सिकासार बांध से छोड़ा गया पानी
मिली जानकारी के अनुसार, गंगरेल जलाशय से लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया है। वहीं सिकासार जलाशय से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी पैरी नदी में छोड़ा गया है। सोंढूर क्षेत्र से भी 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। विभिन्न जलस्रोतों से निकल रहा यह पानी राजिम पहुंचकर महानदी में समाहित हो रहा है। इससे राजिम में पानी की आवक बेहद तेज बनी हुई है और नदी का प्रवाह लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।

आधे से ज्यादा मंदिर डूबा
महानदी के ऊफान का सबसे स्पष्ट असर त्रिवेणी संगम क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है। मंदिर के आसपास का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो चुका है और मंदिर का आधे से अधिक हिस्सा पानी में डूबा नजर आ रहा है। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां दिखाई देती हैं, वहीं इस समय वहां चारों ओर पानी की विशाल धार दिखाई दे रही है। संगम क्षेत्र का नजारा समुद्र की तरह दिखाई देने लगा है।
और पानी गिरा तो..
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच महानदी की तेज धार लोगों को सतर्क कर रही है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर अब लगातार नदी के जलस्तर तथा जलाशयों से होने वाली पानी की आवक पर बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा और जलाशयों से पानी छोड़ा जाता रहा तो नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
संगम में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
राजिम की पहचान त्रिवेणी संगम और धार्मिक नगरी के रूप में है। यहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम होता है। ऐसे में आसपास के जलाशयों और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाला पानी राजिम में एक साथ पहुंचने से संगम क्षेत्र में जलस्तर तेजी से प्रभावित होता है। वर्तमान स्थिति में नदी का रौद्र रूप साफ दिखाई दे रहा है।
नदी-घाट किनारे जाने से बचें लोग
बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सबसे जरूरी सावधानी यही है कि लोग नदी, घाट और जलमग्न क्षेत्रों के नजदीक जाने से बचें। खासकर संगम क्षेत्र में तेज बहाव को देखते हुए अनावश्यक रूप से नदी किनारे पहुंचना खतरे से खाली नहीं है। फिलहाल राजिम में महानदी की उफनती धार और पानी से घिरा कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पूरे क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और बढ़े जलस्तर की गंभीर तस्वीर पेश कर रहा है।






