Nakli Sharab Rajnandgaon Case : राजनांदगांव में नकली शराब कारोबार का पर्दाफाश, दो और आरोपी गिरफ्तार, आंकड़ा पहुंचा 14 पर

फार्महाउस और मोहारा से मिलीं 200 पेटी शराब, 19.05 लाख की संपत्ति जब्त
नकली शराब लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री से जुड़े मामले में राजनांदगांव पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। Nakli Sharab Rajnandgaon Case में पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोच लिया है, जिनकी निशानदेही पर 200 पेटी यानी 9,600 नग उत्तराखंड निर्मित रॉयल गोवा स्प्रिट अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। जब्त शराब की मात्रा 1,728 बल्क लीटर आंकी गई है और अब तक इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 14 पहुंच गई है।
कौन हैं ताजा गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनमें मोहारा निवासी महेन्द्र वर्मा उर्फ बड़ा कट्टी (27) और भिलाई के वैशाली नगर निवासी रमाशंकर राजपूत उर्फ बाबा ठाकुर (55) शामिल हैं।
धमतरी के फार्महाउस से बरामद हुई 150 पेटी शराब
रमाशंकर राजपूत की निशानदेही पर पुलिस ने कचना, चौकी बिरेझर, जिला धमतरी स्थित एक फार्महाउस से 150 पेटी यानी 7,200 बोतलें बरामद कीं। वहीं महेन्द्र वर्मा की निशानदेही पर मोहारा से 50 पेटी यानी 2,400 बोतलें जब्त की गईं। प्रत्येक बोतल 180 एमएल की बताई गई है। कार्रवाई के दौरान शराब की तस्करी में इस्तेमाल हो रही एक क्रेटा और एक ब्रेजा कार के साथ दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार कुल जब्त सामग्री की कीमत करीब 19.05 लाख रुपए है।
सप्लाई चेन तक पहुंची पुलिस की जांच
Nakli Sharab Rajnandgaon Case की एंड-टू-एंड विवेचना में पुलिस अब शराब की खरीद, भंडारण और वितरण नेटवर्क की परतें खंगाल रही है। जांच में सामने आया कि रमाशंकर राजपूत अपने साथियों के जरिए शराब मंगाकर उसका भंडारण करता था और फिर आगे सप्लाई करता था, जबकि महेन्द्र वर्मा मोहारा क्षेत्र में बिक्री के लिए शराब हासिल करता था। जब्त मोबाइल फोन और वाहनों से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
कई धाराओं में दर्ज है मामला
आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36, 49(क), 59(क) तथा बीएनएस की धारा 111, 336(3), 338, 340(2), 238, 61(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना जारी है। पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी केशरी नंदन नायक तथा डीएसपी साइबर/क्राइम सत्य प्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना डोंगरगढ़, पुलिस चौकी मोहारा और साइबर टीम द्वारा संपन्न कराई गई।






