बारिश ने बिगाड़ा ट्रेनों का टाइम टेबल, रायपुर पहुंचने वाली कई ट्रेनें घंटों लेट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश का असर अब रेल यातायात पर भी नजर आने लगा है। शुक्रवार को रायपुर स्टेशन पहुंचने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। अलग-अलग रूट की ट्रेनों में करीब 1 से 5 घंटे तक की देरी दर्ज की गई, जिससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
पुरी, विशाखापट्टनम और अन्य शहरों से रायपुर आने वाली ट्रेनों की समय-सारणी भी बारिश के बीच प्रभावित हुई है। समता एक्सप्रेस करीब 3 घंटे, पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे 45 मिनट, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस करीब 3 घंटे 45 मिनट और विशाखापट्टनम-दुर्ग एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे की देरी से रायपुर पहुंची।
रोजाना हो रही देरी से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
रायपुर आने वाली बड़ी संख्या में ट्रेनों के लगातार विलंब से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबे समय से कई ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर बाद पहुंच रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है, जो लोकल ट्रेनों के जरिए दुर्ग, भिलाई, तिल्दा और आसपास के क्षेत्रों से रायपुर आते-जाते हैं।
दुर्ग से रायपुर के बीच कई लोकल ट्रेनों को आउटर पर लंबे समय तक रोके जाने की वजह से यात्रियों को सामान्य यात्रा की तुलना में एक घंटे या उससे अधिक अतिरिक्त समय लग रहा है। इसका सीधा असर नौकरीपेशा और अन्य रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के समय पर पड़ रहा है।
रेलवे के समय पालन के दावों पर उठ रहे सवाल
रेलवे की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रेनों के समय पालन और संचालन से संबंधित जानकारियां साझा की जाती हैं। इसके बावजूद यात्रियों को कई ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी का सामना करना पड़ रहा है।
अंबिकापुर एक्सप्रेस इसका एक उदाहरण है। रायपुर पहुंचने का इसका निर्धारित समय सुबह करीब 8:30 बजे बताया गया है, लेकिन यात्रियों के अनुसार यह ट्रेन लंबे समय से कई घंटों की देरी से रायपुर पहुंच रही है। वापसी की यात्रा में भी देरी के कारण यात्रियों को अंबिकापुर में देर रात तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है।
दोपहर से शाम के बीच कई ट्रेनें घंटों प्रभावित
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच रायपुर पहुंचने वाली ट्रेनों की स्थिति में भी कई ट्रेनें निर्धारित समय से पीछे चलती मिलीं। इनमें एक्सप्रेस के साथ लोकल ट्रेनें भी शामिल रहीं।
संपर्क क्रांति एक्सप्रेस दुर्ग से रवाना होने के बाद रायपुर पहुंचने तक करीब 9 मिनट विलंबित हो गई। इसके बाद भाटापारा तक इसकी देरी बढ़कर करीब 29 मिनट और उसलापुर तक लगभग 31 मिनट हो गई। पेंड्रारोड पहुंचने तक ट्रेन करीब 1 घंटे 40 मिनट पीछे चल रही थी, जबकि शहडोल पहुंचने के दौरान इसकी देरी 2 घंटे से अधिक हो गई।
इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग से निर्धारित समय के आसपास रवाना हुई, लेकिन रायपुर पहुंचते-पहुंचते करीब 5 मिनट विलंबित हो गई। आगे तिल्दा तक इसकी देरी लगभग 31 मिनट और सक्ती तक पहुंचते-पहुंचते करीब 1 घंटे 12 मिनट हो गई।
शहडोल रूट पर भी ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित
शहडोल होकर रायपुर आने-जाने वाली ट्रेनों की समय-सारणी पर भी असर देखने को मिल रहा है। सारनाथ एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के लगातार विलंबित चलने की जानकारी सामने आई है।
यात्रियों के मुताबिक, शहडोल के बाद कई ट्रेनों की गति धीमी होने के कारण उनके निर्धारित समय पर पहुंचने में देरी हो रही है। अमरकंटक एक्सप्रेस के भी कई दिनों से करीब तीन घंटे तक विलंब से रायपुर पहुंचने की बात सामने आई है।
तय समय पर स्टेशन पहुंच रहे यात्री, लेकिन ट्रेन का इंतजार
ट्रेनों के निर्धारित समय को देखते हुए यात्री समय पर स्टेशन पहुंच जाते हैं, लेकिन ट्रेन के देर से आने के कारण उन्हें प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि दुर्ग और बिलासपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से ट्रेनें समय के आसपास रवाना होने के बावजूद रायपुर पहुंचते-पहुंचते उनकी देरी बढ़ जाती है।
दैनिक यात्रियों के लिए लोकल ट्रेनों की लेटलतीफी भी परेशानी का कारण बनी हुई है। यात्रियों के अनुसार, कई बार लोकल ट्रेनें भी एक से दो घंटे तक देर से पहुंच रही हैं।
लंबी दूरी की ट्रेनों में भी देरी
रायपुर आने वाली महानगरों से जुड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी देरी का असर दिखाई दे रहा है। यात्रियों के अनुसार, कुछ ट्रेनें 2 से 6 घंटे तक विलंब से चल रही हैं। लगातार बारिश के बीच ट्रेनों की गति और समय-सारणी प्रभावित होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में भी परेशानी हो रही है।
अब यात्रियों की नजर रेलवे की ओर से ट्रेनों के संचालन और समय पालन को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है।






