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धरमजयगढ़ पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया चांदमारी डबरी हत्याकांड, दो आरोपी गिरफ्तार

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धरमजयगढ़। थाना क्षेत्र के चर्चित चांदमारी डबरी हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल दो आरोपियों — सुरेश यादव उर्फ लल्ला (26 वर्ष) और अजीत कुमार यादव (23 वर्ष), दोनों निवासी जेलपारा, धरमजयगढ़ — को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मामूली विवाद और रंजिश के चलते युवक की हत्या करना स्वीकार किया है।

एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 22 अक्टूबर की सुबह डुगरूपारा निवासी कैलाश सारथी (19 वर्ष) का शव चांदमारी डबरी में पानी के ऊपर तैरता मिला था। सूचना मिलते ही एसपी श्री दिव्यांग पटेल, एएसपी श्री आकाश मरकाम, डीएसपी साइबर सेल श्री अनिल विश्वकर्मा सहित एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

शव के निरीक्षण में सिर पर गंभीर चोट, दाहिने कान के कटे होने और गले पर नाखूनों के निशान पाए गए। घटनास्थल पर खून के धब्बे और घसीटने के निशान मिलने से यह स्पष्ट हुआ कि कैलाश की हत्या कर शव को साक्ष्य छिपाने की नीयत से डबरी में फेंका गया था। मृतक के चाचा रामनिवास सारथी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 277/2025 धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

विवाद से हत्या तक की कहानी

जांच के दौरान मृतक के रिश्तेदारों और मित्रों से पूछताछ में पता चला कि घटना की रात कैलाश को आखिरी बार सुरेश और अजीत के साथ देखा गया था। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या की पूरी योजना और वारदात का तरीका स्वीकार किया।
21 अक्टूबर की रात लगभग 9 बजे नराई टिकरा में मृतक कैलाश के साथ हुए विवाद के बाद दोनों ने बदला लेने की ठानी। सुरेश ने पहले से लोहे की रॉड चांदमारी में छिपा रखी थी। अजीत ने बहाने से कैलाश को वहां बुलाया, जहां तीनों ने साथ में बैठकर खाना-पीना किया। इसी दौरान सुरेश ने मौका देखकर रॉड से कैलाश के सिर पर वार किया, और फिर अजीत ने पेचकस से कई बार हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने शव को घसीटकर डबरी के पानी में फेंक दिया।

हथियार और मोबाइल बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लोहे की रॉड, पेचकस और मृतक का मोबाइल फोन खेत से बरामद किया। घटना के समय सुरेश द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े भी जब्त किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

एसपी श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन तथा एएसपी श्री आकाश मरकाम, डीएसपी साइबर सेल श्री अनिल विश्वकर्मा, और एसडीओपी श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सीताराम ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अथक परिश्रम से मामले का खुलासा किया।

टीम में एएसआई गंगाराम भगत, डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी, आरक्षक विकास सिंह, विनय तिवारी, कमलेश राठिया, विजयनंद राठिया, कीर्ति सिदार, हेमलाल बरेठ, ललित राठिया सहित साइबर सेल टीम – प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, प्रशांत पंडा, महेश पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, विक्रम सिंह, विकास प्रधान, नवीन शुक्ला और प्रताप बेहरा की विशेष भूमिका रही।

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