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धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथी का कहर: महिला, पुरुष और मासूम बालक की मौत, 12 गांवों में हाई अलर्ट

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रायगढ़-गरियाबंद में लगातार सक्रिय हैं हाथियों के दल, वन विभाग ने की मुनादी और अपील

रायगढ़। धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा क्षेत्र में हाथी के हमले ने एक बार फिर जनजीवन को दहशत में डाल दिया है। मंगलवार रात को बगुडेगा गांव में हाथी और उसके बच्चे की आमद से शुरू हुआ घटनाक्रम देखते ही देखते तीन जानें निगल गया—एक मासूम बालक, एक महिला और एक पुरुष। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।

मासूम सत्यम की दर्दनाक मौत

हाथी सबसे पहले बगुडेगा पहुंचा, जिसकी सूचना मिलने पर वन विभाग ने करीब 10 किमी तक मुनादी कराई। कुछ देर बाद हाथी गमेकेला गांव की ओर बढ़ गया, जहां ग्रामीण सतर्क हो गए और घरों से बाहर निकल आए। इसी दौरान तीन वर्षीय सत्यम रावत, पिता हीरालाल रावत, के रोने की आवाज सुनकर हाथी ने दरवाजे विहीन घर में प्रवेश किया। उसने सत्यम को अपनी सूंड़ से उठाकर पटक दिया, जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।

भागती महिला को बनाया निशाना

इसके बाद हाथी मोहनपुर गांव पहुंचा, जहां उसने फिर तबाही मचाई। गांव की महिला संतरा बाई (43 वर्ष) जैसे ही हाथी को देखकर भागने लगी, वह पीछे दौड़ पड़ा और उस पर हमला कर दिया। संतरा बाई की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

कच्चे मकान की दीवार ढहने से तीसरी मौत

हाथी की अगली तबाही पुरुषोत्तम खड़िया के कच्चे मकान पर हुई, जहां हाथी ने दीवार को ढहा दिया। दीवार गिरने से मलबे में दबकर पुरुषोत्तम की भी मौत हो गई। घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन अमले के साथ मिलकर हाथियों को गांव से खदेड़ा।

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