झिकाबहाल में ग्रामीणों का चक्काजाम आंदोलन, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर रोकी भारी वाहनों की आवाजाही

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत झिकाबहाल गांव में सोमवार को ग्रामीणों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क जाम कर दिया। सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुए इस आंदोलन के दौरान हुंकराडीपा–धौराभांठा मार्ग पर औद्योगिक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। करीब 2 से 3 घंटे तक चले इस चक्काजाम के चलते सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि औद्योगिक वाहनों की तेज रफ्तार के कारण क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके अलावा, इन वाहनों से टकराकर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे गांव में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि धूल के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों की पांच प्रमुख मांगें थीं:
1. बंद पड़ी बस सेवा को शीघ्र बहाल किया जाए।
2. सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि धूल नियंत्रण हो सके।
3. सड़क किनारे सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं।
4. तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी की व्यवस्था की जाए।
5. क्षतिग्रस्त बिजली खंभों की मरम्मत की जाए।
प्रशासन और प्रबंधन ने की पहल
चक्काजाम की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। ग्रामीणों को समझाइश दी गई, लेकिन वे अपनी मांगों के निराकरण पर अड़े रहे। बाद में फैक्ट्री प्रबंधन के अधिकारी पहुंचे और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त
फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा जल्द ही सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। थाना प्रभारी कमला पुसाम ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करवा लिया गया है और फैक्ट्री प्रबंधन से मांगों के शीघ्र निपटारे की अपेक्षा की जा रही है।












