चांदी के गहनों में अब 6 अंकों वाला एचयूआईडी हॉलमार्क अनिवार्य, अगले माह से लागू

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने चांदी के गहनों की शुद्धता और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब चांदी में 6 अंकों वाला एचयूआईडी हॉलमार्क अनिवार्य होगा, और केवल इसी हॉलमार्क वाले गहनों की खरीद-फरोख्त की अनुमति होगी। माना जा रहा है कि यह नियम अगले महीने से लागू हो जाएगा, जिससे पुरानी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
बीआईएस का कहना है कि नई व्यवस्था से बाजार में ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को फायदा होगा — शुद्धता का स्पष्ट प्रमाण मिलेगा, फर्जीवाड़ा रुकेगा, आपसी विश्वास बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी सुनिश्चित होगी।
रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल गहनों की शुद्धता की गारंटी देगा, बल्कि धोखाधड़ी की संभावनाओं को भी समाप्त करेगा।
ग्राहक बीआईएस के केयर ऐप में हॉलमार्क का 6 अंकों वाला कोड डालकर चांदी की शुद्धता की तुरंत जांच कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था चांदी के छह ग्रेड — 900, 800, 835, 925, 970 और 990 — पर लागू होगी।
बीआईएस ने स्पष्ट किया कि हॉलमार्क एक प्रमाणन चिह्न है, जो सोने और चांदी के गहनों की शुद्धता सुनिश्चित करता है और उन्हें कहीं भी आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है। पहले सोने में 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट के गहनों पर हॉलमार्क जरूरी था, लेकिन अब 9 कैरेट के सोने को भी इसमें शामिल किया गया है।
सोने और चांदी दोनों में यह नई हॉलमार्किंग प्रणाली लागू होने से गुणवत्ता पूरी तरह प्रमाणित होगी, धोखाधड़ी की संभावना कम होगी, और अंतरराष्ट्रीय बाजार के मानकों के अनुरूप एकरूपता कायम होगी।












