चक्रधर समारोह में अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता का आगाज़, रोमांचक मुकाबलों से गूंजा मोतीमहल

रायगढ़। चक्रधर समारोह के तहत मंगलवार को मोतीमहल प्रांगण में अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भगवान श्री हनुमान और राजा चक्रधर सिंह के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।
सांसद सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि रायगढ़ की धरती हमेशा से कला, संस्कृति और खेलों की परंपरा को जीवित रखी है। उन्होंने महाराज चक्रधर सिंह को याद करते हुए बताया कि वे केवल श्रेष्ठ घुड़सवार और हॉकी खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने कुश्ती और कबड्डी जैसे खेलों को नई ऊंचाई दी। पूरन सिंह और बालानट जैसे पहलवानों को तैयार कर उन्होंने रायगढ़ की परंपरा को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह शास्त्रीय संगीत और नृत्य की गरिमा से सुसज्जित ऐतिहासिक मंच है, जिसे और भी भव्य बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और राज्य सरकार सतत प्रयासरत है।
पहले दिन के मुकाबले
प्रतियोगिता के पहले दिन कई रोमांचक मुकाबले खेले गए। 80 किलोग्राम से ऊपर वर्ग के मैच में दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय पहलवान प्रवीण ने भिलाई के विजेंद्र को हराकर जीत दर्ज की। वहीं 52 से 57 किलोग्राम वर्ग में रायगढ़ के राहुल चौहान और बिलासपुर के कृष्णकांत आमने-सामने हुए, जिसमें कृष्णकांत विजेता बने। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 3 सितंबर को होगा।
निर्णायक मंडल की भागीदारी
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका रायगढ़ के विनोद शर्मा, दिल्ली के दीपक चहर, हरियाणा के विजेंद्र तथा इंदौर के राम यादव और विनोद यादव ने निभाई। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
नई पहचान की ओर रायगढ़
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि पारंपरिक खेलों का यह आयोजन समाज में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह भरता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में रायगढ़ खेलों की नगरी के रूप में देशभर में नई पहचान बनाएगा।












