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मेडिकल कॉलेज रोड पर अंधेरा बना खतरा, सुरक्षा इंतज़ाम के बावजूद स्ट्रीट लाइट नहीं

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रायगढ़। मेडिकल कॉलेज से लेकर मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) तक जाने वाले मार्ग पर रात के समय करीब दो किलोमीटर तक अंधेरा छाया रहता है। इस रास्ते से रोज़ाना मेडिकल कॉलेज और एमसीएच के डॉक्टर, स्टूडेंट्स और महिला स्टाफ का आना-जाना होता है। लेकिन यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद प्रदेश सरकार ने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज मार्ग पर अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। फिलहाल सुरक्षा केवल अस्पताल और कॉलेज परिसर तक सीमित है, जबकि शहर के अंतिम छोर पर स्थित इस इलाके में आम लोगों की आवाजाही भी कम होती है।

महिला स्टाफ को सबसे अधिक परेशानी

नाइट ड्यूटी करने वाली महिला स्टाफ और डॉक्टरों के लिए यह अंधेरा सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। रोज़ाना सैकड़ों महिला डॉक्टर, नर्स, स्टाफ और सुरक्षा गार्ड इस मार्ग से गुजरते हैं। टीवी टॉवर से लेकर एमसीएच तक का हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है। नाइट ड्यूटी करने वाली नर्सें कई बार इस समस्या को उठा चुकी हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।

मरीजों के परिजन भी डरते हैं

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के परिजन भी इस मार्ग पर आने-जाने से कतराते हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का भी खतरा बना रहता है। अंधेरे के कारण हादसों और अपराध की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों और मेडिकल कॉलेज स्टाफ की शिकायतों के बावजूद अभी तक रोशनी की व्यवस्था नहीं की गई है। अब सवाल उठ रहा है कि जब अस्पताल और कॉलेज की सुरक्षा पर सरकार जोर दे रही है, तो उनके मुख्य मार्ग को सुरक्षित क्यों नहीं बनाया जा रहा?

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