खरसिया : उरांव परिवार के चार सदस्यों की हत्या, घर की बाड़ी में दफनाए गए शव, गांव में पसरा मातम

रायगढ़। जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ठुसेकेला गांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक ही परिवार के चार लोगों की धारदार टांगी और अन्य हथियारों से बेरहमी से हत्या कर शवों को घर की बाड़ी में दफना दिया गया। गुरुवार सुबह घर से आ रही तेज दुर्गंध के बाद जब ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, तो इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ।
मृतकों की पहचान बुधराम उरांव (35), उसकी पत्नी सहोद्रा उरांव (30), बेटा अरविंद (10) और बेटी शिवांगी (6) के रूप में हुई है। घटना के वक्त उनकी सबसे बड़ी बेटी शिवानी उरांव (16) कोटमार में अपने रिश्तेदार के घर रहकर 10वीं की पढ़ाई कर रही थी और इस तरह वह बच गई।
घटना का सिलसिला
ग्रामीणों के मुताबिक, बुधराम उरांव राजमिस्त्री का काम करता था और अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी जीवन बिता रहा था। मंगलवार की सुबह वह गांव में ही काम करने गया था और शाम 5 बजे घर लौटा। इसके बाद से बुधवार सुबह से उसका घर अंदर से बंद मिला। गुरुवार सुबह अचानक घर से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने खिड़की से झांका तो भीतर खून के धब्बे नजर आए। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही खरसिया पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि पति-पत्नी और दोनों बच्चों की धारदार टांगी से हत्या की गई और शवों को घसीटकर घर की बाड़ी में गड्ढा खोदकर दबाया गया था। पुलिस को संदेह है कि मंगलवार शाम उनके घर कोई रिश्तेदार मिलने आया था।
सोते समय गले व सिर पर वार
फॉरेंसिक एक्सपर्ट पी.एस. भगत ने बताया कि हत्या सोते हुए की गई। चारों के गले और सिर पर टांगी से वार कर उनकी जान ली गई। इसके बाद शवों को घर के पीछे बाड़ी में एक फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया गया और ऊपर से पैरा डाल दिया गया। प्रारंभिक जांच से अंदेशा है कि वारदात दो दिन पुरानी है।
पूरे गांव में मातम
हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। हर कोई स्तब्ध और गमगीन है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड, फॉरेंसिक टीम और साइबर टीम को जांच में लगाया है। साथ ही, अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बड़ी बेटी हुई अनाथ
मृतक की सबसे बड़ी बेटी शिवानी इस घटना के बाद पूरी तरह अनाथ हो गई है। वह पढ़ाई के लिए कोटमार में रह रही थी, जिसके चलते उसकी जान बच गई। घटना की जानकारी मिलते ही वह बेसुध होकर रोने लगी और परिजनों का बुरा हाल है।
मुआवजे की रकम पर शक
प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह जमीन और मुआवजे की रकम से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, घरघोड़ा क्षेत्र के चोटीगुड़ा गांव में बुधराम उरांव की पुश्तैनी जमीन है। इस जमीन का कुछ हिस्सा एक कंपनी में गया था, जिसके एवज में उसे करीब 5 लाख रुपये मुआवजा मिल चुका था और कुछ रकम अभी मिलना बाकी है। आशंका जताई जा रही है कि इसी मुआवजे को लेकर रंजिश के चलते यह वारदात की गई है।












