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शासकीय स्कूल का फर्नीचर बेचने का मामला उजागर

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शाला विकास समिति ने गुपचुप तरीके से बेचे 150 टेबल-कुर्सी, हंगामे के बाद निजी स्कूलों ने लौटाया सामान

जांजगीर-चांपा। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टुंडरा में बड़ा फर्नीचर घोटाला सामने आया है। यहां की शाला विकास समिति ने गुपचुप तरीके से प्रस्ताव तैयार कर बच्चों के लिए आए टेबल और कुर्सियों को निजी स्कूलों में 400 रुपए प्रति नग के हिसाब से बेच दिया। मामला तूल पकड़ने पर हड़कंप मच गया और निजी स्कूलों ने खरीदे गए फर्नीचर को तीन वाहनों में भरकर वापस कर दिया।

गुपचुप बैठक में बनी बिक्री की योजना

करीब 8 दिन पहले शाला विकास समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें स्कूल के प्रिंसिपल और समिति के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। बैठक में यह प्रस्ताव तैयार किया गया कि बच्चों के लिए आए कुर्सी-टेबल को कबाड़ बताकर आसपास के निजी स्कूलों को बेच दिया जाए। योजना के अनुसार फर्नीचर को 400 रुपए प्रति नग की दर से बेचने का निर्णय लिया गया।

निजी स्कूलों को बेचे गए टेबल-कुर्सी

योजना के तहत फर्नीचर को नगर पंचायत टुंडरा के ज्ञान अमृत विद्यालय, शिवरीनारायण के धाविका पब्लिक स्कूल और ग्राम मोहतरा के एक निजी स्कूल में बेच दिया गया।

पालकों ने किया हंगामा

जब पालकों को मामले की जानकारी लगी तो उन्होंने इसकी पड़ताल की। निजी स्कूलों से पुष्टि होने पर पालकों ने शासकीय विद्यालय के गेट पर ही हंगामा किया। इसके बाद मामले का खुलासा हो गया।

निजी स्कूलों ने लौटाया फर्नीचर

विवाद बढ़ता देख निजी स्कूलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 150 नग टेबल और कुर्सी को वापस कर दिया। इन्हें तीन वाहनों में भरकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टुंडरा भेजा गया।

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