Uncategorised

रायगढ़ जिले में एक और कोल ब्लॉक के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू, 751 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रायगढ़ । रायगढ़ जिले में कोयला उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी पहल शुरू हो चुकी है। घरघोड़ा तहसील अंतर्गत पोरडा-चिमटापानी कोल ब्लॉक के लिए प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस संबंध में प्रशासन द्वारा प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, पोरडा-चिमटापानी कोल ब्लॉक के लिए कोल बेयरिंग एक्ट 1957 के तहत अधिसूचना जारी की गई है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 751 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें से 518 हेक्टेयर राजस्व भूमि और 233 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। अधिग्रहण की जद में आने वाले गांवों में कोनपारा, चिमटापानी, कांटाझरिया, कठरापाली और सिंघनपुर शामिल हैं।

कोल मंत्रालय और राज्य सरकार के आदेश पर कलेक्टर द्वारा धारा 7(1) के तहत सूचना जारी की गई है। बताया गया है कि इस कोल ब्लॉक से सालाना लगभग 40 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देशभर में कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए कोल इंडिया सहित निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी लगातार नए कोल ब्लॉक आवंटित किए हैं। रायगढ़ जिले में पहले से कई कोल ब्लॉक पाइपलाइन में हैं। महाजेंको और जेपीएल के साथ अब एसईसीएल (SECL) को भी पोरडा-चिमटापानी ब्लॉक आवंटित किया गया है और इसके विकास की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोल ब्लॉक विकास की सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण होती है, जिसमें सबसे अधिक समय लगता है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस प्रक्रिया को अब गति दी जाएगी।

इस बीच, स्थानीय स्तर पर जंगलों की कटाई और पर्यावरणीय असर को लेकर विरोध और हंगामे की स्थिति भी बनी हुई है। तमनार क्षेत्र के बाद अब घरघोड़ा तहसील में भी कोल ब्लॉक विकसित होने से आने वाले समय में जिले में कोयला उत्पादन गतिविधियां और तेजी पकड़ेंगी।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button