जमीन विवाद में हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास

घरघोड़ा। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने जमीन विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में आरोपी लेदाराम उर्फ लेद्दा राम तिर्की को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी पर 1000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
प्रकरण का विवरण
मामला 1 अगस्त 2022 का है। मृतक इरेनीयुस तिर्की अपने परिजनों के साथ मसीह तिर्की के खेत में धान रोपाई के लिए गया था। शाम को सभी लोग काम खत्म कर घर लौटे और भोजन किया। इसी दौरान रसोई में मृतक इरेनीयुस तिर्की और आरोपी लेदाराम तिर्की के बीच जमीन विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने धारदार टांगी से इरेनीयुस के सिर और चेहरे पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मसीह तिर्की ने थाना लैलूंगा में दी, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी लेदाराम तिर्की के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर चालान प्रस्तुत किया।
अदालत का निर्णय
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति
अदालत ने मृतक के वारिसों को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की है और इसकी सूचना विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को भेजी है।












