छत्तीसगढ़ में रेत खदानों की नीलामी शुरू, बदले नियमों से बढ़ सकती है रेत की कीमत

रायपुर। लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग ने रेत खदान आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नीलामी की अधिसूचना जारी कर दी है। करीब पांच साल बाद रेत खदानों का आवंटन शुरू होने जा रहा है, लेकिन इस बार नियम और प्रक्रिया पूरी तरह बदल दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रेत खदान की नीलामी अब केंद्रीय पोर्टल एमएसटीसी के माध्यम से होगी। यही पोर्टल कोयला खदानों की नीलामी के लिए भी उपयोग किया जाता है। नीलामी में भाग लेने के लिए आवेदकों को तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी होगा। एक खदान की नीलामी में भाग लेने के लिए दो लाख रुपए की सुरक्षा राशि लगानी होगी।
इसके साथ ही खदान क्षेत्रफल के हिसाब से प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपए अमानत राशि के रूप में जमा करनी होगी। पंजीयन शुल्क 1,200 रुपए और आवेदन शुल्क 10 हजार रुपए रखा गया है। उदाहरण के तौर पर, 4 हेक्टेयर के रेतघाट के लिए किसी आवेदक को लगभग 1.70 लाख रुपए जमा करने होंगे। खदान आवंटन मिलने पर यह राशि जमा ही रहेगी, अन्यथा रिफंड कर दी जाएगी।
नए नियमों के तहत रेत का बेस प्राइस तय कर दिया गया है। रायगढ़ जिले में यह दर 212 रुपए प्रति घन मीटर रखी गई है। किसी भी बिडर को बेस प्राइस पर न्यूनतम 25% यानी 53 रुपए प्रति घन मीटर से कम बोली लगाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अधिकांश बिडर्स न्यूनतम बोली पर ही आवेदन करेंगे, जिसके बाद विजेता का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
अनुमान है कि नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रति घन मीटर रेत पर सरकार को लगभग 280 रुपए की आय होगी। इसके चलते बाज़ार में रेत की कीमत बढ़ने की आशंका है और प्रति ट्रैक्टर रेत पर लगभग 500 रुपए अतिरिक्त खर्च उपभोक्ताओं को करना पड़ सकता है।












