गुमला में नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त का खुलासा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर आरोप

गुमला/रायडीह, 5 अक्टूबर 2025
झारखंड के गुमला जिले में नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त का गंभीर मामला सामने आया है। रायडीह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीटीटी पर आरोप है कि उसने नवजातों को बेचने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, रायडीह कुडो़छतरपुर पंचायत क्षेत्र की निवासी सुमन एक्का को 10 सितंबर को प्रसव पीड़ा हुई और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह में भर्ती कराया गया। वहीं, अस्पताल की बीटीटी ने नवजात शिशु के जन्म के बाद दंपती को बहला-फुसलाकर बच्चे को बेचने का प्रयास किया।
बताया गया है कि 12 सितंबर को दंपती अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद बीटीटी और खरीदार ने नवजात शिशु को एक लाख रुपये में ले लिया। दंपती को अस्पताल के बाहर कुछ कागजातों पर साइन करने के लिए मजबूर किया गया।
इसी तरह, एक अन्य मामले में रायडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक सहिया ने बताया कि उसने एक रिश्तेदार के लिए नवजात शिशु की तलाश की थी। बीटीटी ने उसे छत्तीसगढ़ के एक अस्पताल में नवजात शिशु दिलाया, जिसे बाद में रांची में रिश्तेदार को सौंपा गया। इस पर सहिया को 90,000 रुपये नकद और 10,000 रुपये बीटीटी के खाते में दिए गए। बीटीटी ने इन आरोपों को नकारा है।
रायडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक राजीव कुमार ने पुष्टि की कि सुमन एक्का का 10 सितंबर को प्रसव हुआ था। वहीं, गुमला सदर अस्पताल के सिविल सर्जन ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यह संभव है कि नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त में किसी बड़े गिरोह की सक्रियता हो, और जांच जारी है।












