Uncategorised

रायगढ़ : एससी-एसटी अत्याचार निवारण समिति की बैठक, पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता पर जोर

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक आज कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष रायगढ़ में आयोजित की गई। बैठक में लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा, आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही जिले में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के साथ घटित अपराधों के पंजीकृत मामलों, लंबित विवेचनाओं, न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों एवं पीड़ितों को दी गई राहत और पुनर्वास सहायता की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि अत्याचार पीड़ितों को त्वरित न्याय और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी पीड़ित की शिकायत दर्ज होने पर, उसे त्वरित विधिक सहायता और पात्रता अनुसार आकस्मिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने कहा कि थाना स्तर पर ही पीड़ितों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं, उनमें पीड़ितों के आवेदन राजस्व विभाग को भेजकर प्रमाण पत्र शीघ्र बनवाया जाए। साथ ही लंबित विवेचनाओं और चालान प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर बल दिया।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने अवगत कराया कि जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक जिले में अनुसूचित जाति के 15 और अनुसूचित जनजाति के 11 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 21 मामलों में चालान प्रस्तुत कर दिया गया है, जबकि शेष प्रकरणों की विवेचना जारी है। वर्तमान में अधिनियम के तहत 77 प्रकरण न्यायालयों में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम का मूल उद्देश्य अजा-अजजा वर्ग के जरूरतमंद और उत्पीड़ित परिवारों को समय पर राहत और न्याय सुनिश्चित करना है।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button