छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू — बलरामपुर में 1.22 करोड़ का अवैध धान जब्त

रायपुर/बलरामपुर, 15 नवंबर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का पर्व आज 15 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। सरकार द्वारा तय 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने बिचौलियों और कोचियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बलरामपुर जिले में प्रशासन ने 1 करोड़ 22 लाख से अधिक रुपये मूल्य का अवैध धान तथा नौ पिकअप वाहन जब्त किए हैं।
9862 बोरी (3945 क्विंटल) धान जब्त
अब तक की कार्रवाई में कुल 9862 बोरी, यानी 3945 क्विंटल धान की जब्ती की गई है।
समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार जब्त धान का कुल मूल्य लगभग 1,22,29,500 रुपये बैठता है।
प्रशासन का कहना है कि यदि यह धान नहीं पकड़ा जाता तो इसे किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों में खपाया जाता, जिससे वास्तविक किसानों को नुकसान होता।
धान खरीदी शुरू होने से पहले ही विशेष अभियान
इस वर्ष प्रशासन ने धान खरीदी से पहले ही विशेष जांच अभियान चलाया था।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में रात-दिन निगरानी
- विभागीय टीमें लगातार जांच में तैनात
- बाहरी राज्यों से आने वाले धान की रोकथाम
इन प्रयासों के कारण अब तक बाहरी राज्यों का धान जिले में खपने से रोका जा सका है।
तीन राज्यों से जुड़ा है बलरामपुर जिला
छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से मिलता है।
पिछले वर्षों में पड़ोसी राज्यों का धान उपार्जन केंद्रों में बेचने की शिकायतें आने के बाद इस बार कड़ी चौकसी बरती गई है।
22 जांच नाके स्थापित
मुख्य मार्गों सहित अंदरूनी अंतरराज्यीय रास्तों पर कुल 22 चेकपोस्ट बनाए गए हैं।
इन पर
- राजस्व विभाग
- कृषि विभाग
- मंडी विभाग
के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के नाम पर कोई और व्यक्ति अवैध धान की बिक्री न कर सके।
गुप्त सूचनाओं से मिली सफलता
बलरामपुर प्रशासन को अवैध धान पकड़ने में बड़ी सफलता गुप्त सूचनाओं के कारण मिली है।
जहाँ से भी जानकारी प्राप्त हुई, वहाँ तत्काल छापेमारी की गई। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ा है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि
- यदि कहीं अवैध धान का परिवहन या भंडारण दिखाई दे
- तो संबंधित अधिकारियों को सूचित करें
- शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी
खरीदी अवधि में चौकसी जारी
अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी की पूरी अवधि तक चौकसी इसी स्तर पर जारी रहेगी।
किसी भी स्थिति में बिचौलियों या कोचियों को उपार्जन केंद्रों में अवैध धान खपाने नहीं दिया जाएगा।












