रायगढ़ में पुलिस पूछताछ के बाद ग्रामीण की मौत से बवाल, हाईवे पर चक्काजाम; दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच

परसकोल हत्याकांड की जांच के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान ग्रामीण की मौत से भड़का आक्रोश
रायगढ़। जिले के परसकोल गांव में हुए हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस पूछताछ में शामिल एक ग्रामीण की तबीयत अचानक बिगड़ने से मौत हो गई। पुलिस उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया।
घटना के बाद लोगों ने मृतक के परिवार को मुआवजा, सरकारी नौकरी और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग उठाई। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो पुलिसकर्मियों को फिलहाल लाइन अटैच कर दिया है और पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की घोषणा की है।
नेशनल हाईवे-49 पर चक्काजाम, ग्रामीणों ने 1 करोड़ मुआवजा और नौकरी की रखी मांग
गुरुवार शाम आक्रोशित ग्रामीणों और समाज के लोगों ने नेशनल हाईवे 49 पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी तथा दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की मांग रखी।
घंटों तक प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चली, लेकिन शुरुआत में ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान उमेश पटेल भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े नजर आए।
देर रात प्रशासन और परिवार के बीच समझौता, पत्नी को सरकारी नौकरी देने का फैसला
काफी देर तक चली चर्चा के बाद देर रात विधायक और प्रशासन की मौजूदगी में पीड़ित परिवार और अधिकारियों के बीच समझौता हो गया। समझौते के तहत मृतक की पत्नी को कलेक्टर के माध्यम से नजदीकी सरकारी स्कूल में नौकरी देने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मजिस्ट्रियल जांच कराने और जांच पूरी होने तक उन्हें लाइन अटैच रखने का फैसला लिया गया। मुआवजा राशि देने पर भी सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच, जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने बताया कि दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। वहीं प्रभात पटेल ने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इसमें और कौन-कौन शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षक बिसोप सिंह और योगेश साहू पर कार्रवाई, जांच दल में समाज के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे
प्राथमिक कार्रवाई के तहत आरक्षक बिसोप सिंह और योगेश साहू को जांच पूरी होने तक लाइन अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
चौहान समाज के संगठन मंत्री शिवाधर हैंवार ने बताया कि जांच दल में समाज के पांच सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सके। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।






