छत्तीसगढ़

ऑपरेशन तलाश: छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2021 से 2026 के बीच 87 हजार से ज्यादा लापता लोगों को परिवारों तक पहुंचाया

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 तक कुल 1 लाख 3 हजार 766 गुम इंसानों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से 87 हजार 35 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों तक पहुंचाया है. प्रदेश में गुमशुदा लोगों की तलाश अब केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग और मानवीय जिम्मेदारी की मजबूत पहल बन गयी है.

ऑपरेशन तलाश और ऑपरेशन मुस्कान

सीएम विष्णुदेव साय ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए प्रभावी अभियान संचालित करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन तलाश और ऑपरेशन मुस्कान शुरू किया. पांच साल में बरामद लोगों में 2 हजार 785 बालक, 16 हजार 472 बालिकाएं, 18 हजार 671 पुरुष और 49 हजार 107 महिलाएं शामिल हैं.

जिला स्तर पर बनाई गई विशेष टीम

राजधानी रायपुर सहित अविभाजित जिले में भी पुलिस की सक्रियता प्रभावी रही. यहां गुम नाबालिग, महिलाओं और पुरुषों से संबंधित 15 हजार 632 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 12 हजार 456 लोगों को खोज निकाला गया. लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और जिला स्तर पर विशेष टीमों की तैनाती के साथ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं.

इन मामलों में अब तक मानव तस्करी जैसे किसी बड़े संगठित अपराध की जानकारी सामने नहीं आई है. बरामद लोगों ने अपने बयान में बताया कि अधिकांश लोग प्रेम संबंध, रोजगार की तलाश, परिजनों की डांट या घूमने जाने जैसी वजहों से घर छोड़कर चले गए थे. इनमें से कई लोग बाद में स्वयं भी वापस लौट आए.

अप्रैल में चला ऑपरेशन तलाश, 4056 लोगों की बरामदगी

गुमशुदा लोगों की तलाश को तेज गति देने के लिए अप्रैल 2026 में प्रदेशभर में “ऑपरेशन तलाश” अभियान चलाया गया. इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली और केवल एक माह में 4 हजार 56 गुमशुदा लोगों को खोज निकाला गया. इनमें 545 बच्चे और 3511 महिला और पुरुष शामिल रहे. बरामद लोगों में 75 बालक, 470 बालिकाएं, 972 पुरुष और 2539 महिलाएं शामिल हैं.सभी को उनके परिवारों से मिलाया गया.

इन राज्यों में मिले गुमशुदा लोग

अभियान के दौरान पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का भी प्रभावी उपयोग किया. महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश से 182 गुमशुदा लोगों को खोजकर वापस लाया गया. इनमें 3 बालक, 63 बालिकाएं, 13 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल हैं.

लापता लोगों को लाने में जिलों की अहम भूमिका, दुर्ग अव्वल

ऑपरेशन तलाश में जिला पुलिस इकाइयों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही. बरामदगी के मामले में दुर्ग जिला सबसे आगे रहा, जहां 683 लोगों की पतासाजी की गई. इसके बाद बिलासपुर में 648, रायपुर में 426, राजनांदगांव में 280, रायगढ़ में 251 और महासमुंद में 183 गुम इंसानों को खोजा गया. बलौदाबाजार में 136, जांजगीर-चांपा में 134, सरगुजा में 114 और बालोद जिले में 106 लोगों को बरामद किया.

छत्तीसगढ़ पुलिस लोगों को कर रही जागरूक

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य में “अभिव्यक्ति” जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है. इसके तहत स्कूल, कॉलेज, छात्रावासों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में पुलिस टीमें पहुंचकर लोगों को मानव तस्करी, साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, नए कानूनों और आत्मरक्षा के बारे में जानकारी दे रही हैं. इसके साथ ही गुम बच्चों की खोज के लिए “ऑपरेशन मुस्कान” और गुम इंसानों की तलाश के लिए “ऑपरेशन तलाश” जैसे अभियान समय-समय पर संचालित किए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी संसाधनों, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रही है.

पुलिस की आम लोगों से अपील, डायल 112 पर तुरंत दें सूचना

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के गुम होने की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, डायल 112 या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते उनकी सुरक्षित तलाश सुनिश्चित की जा सके.

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