नगरी क्षेत्र में पंचायत सचिव विवाद में: फेसबुक टिप्पणी को लेकर दिगम्बर कंवर घिरे सवालों में, जांच की मांग तेज

नगरी। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत देवपुर में पदस्थ पंचायत सचिव दिगम्बर कंवर एक कथित फेसबुक टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक स्क्रीनशॉट के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 2026 में फेसबुक पर किए गए राजनीतिक पोस्ट पर दिगम्बर कंवर की आईडी से कथित टिप्पणी सामने आई थी। पोस्ट वायरल होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे शासकीय कर्मचारी के सेवा आचरण नियमों के खिलाफ बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई।
लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग
भाजयुमो के पूर्व महामंत्री नीलम साहू ने इस मामले की जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस को दी। इसके बाद भाजपा मंडल नगरी के महामंत्री रूपेंद्र साहू समेत अन्य कार्यकर्ता 28 अप्रैल को जनपद पंचायत नगरी पहुंचे और मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

जनपद पंचायत ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
शिकायत के बाद जनपद पंचायत नगरी प्रशासन ने पंचायत सचिव दिगम्बर कंवर को कारण बताओं नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। प्रशासन का कहना है कि जवाब मिलने के बाद नियम के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और आवश्यक होने पर उच्च कार्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
नोटिस की दो प्रतियों पर उठे सवाल
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब भाजपा पदाधिकारियों ने नोटिस की अलग-अलग प्रतियों को लेकर सवाल खड़े किए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि उन्हें जो प्रति दी गई उसमें पत्र क्रमांक और तारीख दर्ज नहीं थी, जबकि बाद में उपलब्ध कराई गई प्रति में पत्र क्रमांक 2462 और दिनांक 29 अप्रैल 2026 अंकित पाया गया। भाजपा मंडल महामंत्री रूपेंद्र साहू ने प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि नोटिस की प्रतियों में अंतर क्यों है, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

सचिव ने दी सफाई
विवाद के बाद पंचायत सचिव दिगम्बर कंवर ने अपनी सफाई में कहा कि जिस समय फेसबुक पर कथित टिप्पणी की गई, उस समय वे पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त थे। उनके मुताबिक संभव है कि किसी परिचित या परिवार के सदस्य ने उनके मोबाइल से अनजाने में यह टिप्पणी कर दी हो। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत से मिले नोटिस का जवाब 1 मई को प्रस्तुत कर दिया गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस ने कहा कि संगठन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और नियमानुसार उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामले में अब तक अंतिम विभागीय कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
जांच के बाद स्थिति स्पष्ट
फिलहाल प्रशासन की ओर से अंतिम विभागीय कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।






