छत्तीसगढ़

माना हॉस्पिटल बना उम्मीद की नई रोशनी: कोविड सेंटर से नेत्र अस्पताल तक का सफर, अब छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों के मरीजों को मिल रहा लाभ

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रायपुर। कोविड महामारी के बाद नेत्र अस्पताल में तब्दील माना हॉस्पिटल छत्तीसगढ़ ही नहीं एमपी, महाराष्ट्र और ओडिशा के मरीजों की रोशनी लौटा रहा है। बीते चार साल से यहां होने वाला मोतियाबिंद की सर्जरी के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 में 2114 ऑपरेशन पूरा किया है। यहां टेरिजियम और फॉरेन बॉडी जैसे नेत्र रोग का इलाज भी किया जा रहा है। माना के सिविल अस्पताल को महामारी के दौरान कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए उपयोग किया गया था। इसके बाद इसका उपयोग पहले

शासकीय नेत्र हास्पिटल के रूप में किया जाने लगा। अब इसे 150 बिस्तर के प्रांतीय नेत्र संस्थान के रूप में देकर नेत्र रोगियों को इलाज की सुविधा दी जा रही है। 

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के जिला नोडल अफसर डॉ. समता रंगारी ने बताया कि,  यहां आधुनिक तकनीक स्माल इंसीजन कैटरेक्ट सर्जरी एवं फेको पद्धति से नेत्र शल्य क्रियाएं पूरी की जा रही हैं। यहां मोतियाबिंद के अलावा टेरेजियम यानी कार्निया में आने वाल मांस के टुकड़े आने और फॉरेन बॉडी यानी आंखों में कचरा अथवा कोई दूसरी वस्तु के घुसने संबंधी समस्या का इलाज भी किया जाता है। माना के नेत्र चिकित्सालय में रायपुर के साथ दुर्ग, गरियाबंद, बेमेतरा, बलौदाबाजार जिलों के मरीज और दूसरे राज्यों ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं बिहार से भी मरीज आकर उपचार प्राप्त कर रहे हैं। विशेष रूप से गरियाबंद जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों जैसे मैनपुर एवं देवभोग विकासखंड के मरीजों को भी इस संस्थान में इलाज की सुविधा मिल रही है।

विशेष क्लीनिक भी
माना के नेत्र हास्पिटल में विभिन्न बीमारयों के इलाज के लिए अलग-अलग दिन विशेष क्लीनिक संचालित की जाती है। इसमें प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। प्रत्येक सोमवार को ग्लूकोमा क्लिनिक, गुरुवार को रेटीना क्लिनिक तथा शनिवार को पीडियाट्रिक ऑप्थाल्मोलॉजी क्लिनिक का आयोजन किया जाता है। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से भी मरीज यहां इलाज के लिए रेफर किए जाते हैं।

नेत्र संबंधी विभिन्न उपचार की सुविधा
रायपुर के सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि, जिला प्रशासन के सहयोग से माना में आई हास्पिटल का संचालन किया जा रहा है। यहां मरीजों को आधुनिक मशीनों के माध्यम से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मोतियाबिंद से संबंधित ऑपरेशन भी यहां काफी संख्या में किए जा रहे हैं।

मोतियाबिंद की सर्जरी

वर्ष         कुल ऑपरेशन
2022-23   1552
2023-24   1463
2024-25   2071
2025-26   2141

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