छत्तीसगढ़

मोहला जिले में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान को बड़ी सफलता: 1700 से अधिक डबरी, 2541 सोख्ता गड्ढे और 87 तालाबों का नवीनीकरण पूरा

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मोहला जिले में ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के तहत 1700 से अधिक आजीविका डबरी, 2541 सोख्ता गड्ढे और 87 तालाबों का नवीनीकरण किया गया।

रायपुर। राज्य शासन के ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान अंतर्गत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले ने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर सुधार और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं।

बनीं 17 सौ से अधिक आजीविका डबरी
‘जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी’ की थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण किया गया। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को आजीविका संवर्धन से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

मोर गांव-मोर पानीपीएम आवासों में बने 2541 सोखता गड्ढे, 87 तलाबों का नवीनीकरण
वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढे  का निर्माण कराया गया। इसके अलावा श्रमदान एवं जनसहभागिता से 175 बोरी बंधान, 3600 कंटूर ट्रेंच तथा 87 तालाबों का नवीनीकरण कर जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत किया गया। अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिले में रैली, कलश यात्रा, शपथ और दीपदान जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

मोर गांव-मोर पानीजल स्तर में 2.19 मीटर की हुई वृद्धि
जलदूत ऐप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। प्री मानसून 2024 की तुलना में प्री मानसून 2025 में जल स्तर में 1.81 मीटर तथा पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में पोस्ट मानसून 2025 में 2.19 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े अभियान की प्रभावशीलता और जिले में किए गए जल संरक्षण कार्यों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

मोर गांव-मोर पानीजिले के तीन विकासखण्ड अब सेफ कैटेगरी में
अभियान के सकारात्मक परिणामों के फलस्वरूप ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 23 सितम्बर 2025 के अनुसार जिले के तीनों विकासखंड, जो पूर्व में सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में शामिल थे, अब ‘सेफ ब्लॉक’ की श्रेणी में वर्गीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले में सामूहिक प्रयास, जनसहभागिता और प्रभावी जल प्रबंधन की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।

मोर गांव-मोर पानी

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