छत्तीसगढ़

Padmashree Phool Basan Bai: टेन्डर और पैसों के लालच में रची किडनपिंग की साजिश, 5 आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव में पद्मश्री फूलबासन बाई के अपहरण की साजिश नाकाम हो गई। खुशबू साहू समेत 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पैसों और टेंडर के लालच में यह प्लान बनाया गया था। पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना टल गई।

Padmashree Phool Basan Bai Kidnap Attempt case update: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव की किडनैपिंग की साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। महिलाओं के उत्थान के लिए काम करने वाली फूलबासन बाई को बहाने से घर से बाहर बुलाकर अपहरण करने की कोशिश की गई।

यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे रची गई पूरी साजिश

जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी खुशबू साहू, जो बेमेतरा की रहने वाली है, ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी घटना की योजना बनाई। वह पिछले कुछ महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी और उनकी सामाजिक संस्था के प्रभाव और आर्थिक संसाधनों से प्रभावित थी।

आरोपियों ने ‘जरूरी चर्चा’ और ‘जन्मदिन मनाने’ का बहाना बनाकर उन्हें घर से बाहर बुलाया और कार में बैठाकर अपहरण की साजिश को अंजाम देने की कोशिश की।

रास्ते में पुलिस की सतर्कता से बची जान

कार में बैठाने के बाद आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर कपड़ा लपेट दिया ताकि वे मदद के लिए आवाज न उठा सकें। आरोपी खैरागढ़ की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस को शक हुआ।

पुलिस ने वाहन को रोका और पूछताछ की, जहां आरोपियों ने बहाना बनाया कि मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ा है। लेकिन एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया, जिसके बाद सभी आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

लालच और टेंडर के लिए रचा गया अपराध

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस किडनैपिंग के पीछे मुख्य वजह पैसों का लालच और टेंडर से जुड़े काम निकलवाना था। फूलबासन बाई मां बम्बलेश्वरी समूह की सीईओ हैं, जो पूरे प्रदेश में 50 से अधिक महिला समूह संचालित करता है और हजारों महिलाएं इससे जुड़ी हैं।

इस संस्था को अनुदान के जरिए करोड़ों की राशि मिलती है, जिसे देखकर आरोपी लालच में आ गए और उन्होंने इस गंभीर अपराध की योजना बनाई।

राजनीतिक बयानबाजी और सरकार की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूलबासन बाई से बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस टीम की तत्परता को देखते हुए आईजी ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता को लेकर बहस छेड़ दी है।

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