बदरीनाथ धाम में धार्मिक आयोजनों पर नई व्यवस्था, बिना अनुमति कार्यक्रमों पर लगेगा जुर्माना

बदरीनाथ धाम। तीर्थ नगरी बदरीनाथ धाम में अब धार्मिक और अन्य विशेष आयोजनों को लेकर नई नियमावली लागू की जा रही है। नगर पंचायत द्वारा बनाए गए तीन उपविधियों (बायलॉज) के तहत अब भागवत कथा, भंडारा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
🔹 बिना अनुमति कार्यक्रम पर 50 हजार तक जुर्माना
नई व्यवस्था के अनुसार नगर पंचायत की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के भागवत कथा, भंडारा या विशेष धार्मिक आयोजन करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अनुमति ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्राप्त की जा सकेगी।
🔹 तीन नई उपविधियां तैयार
नगर पंचायत ने क्षेत्र में व्यवस्था और नियंत्रण के लिए तीन प्रमुख उपविधियां तैयार की हैं—
- मांसाहार परिवहन एवं उपयोग प्रतिबंध उपविधि 2026
- झुग्गी-झोपड़ी एवं अस्थाई आवास नियंत्रण और स्वच्छता उपविधि
- भंडारा, भागवत एवं विशेष कार्यक्रम नियंत्रण उपविधि
इन नियमों के तहत सभी आयोजनों पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ाया जाएगा।
🔹 मांस पर पूर्ण प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत बदरीनाथ क्षेत्र में मांस लाने या उपयोग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा। हाल के वर्षों में कुछ मामलों के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
🔹 झुग्गी-झोपड़ी और स्वच्छता नियम
क्षेत्र में किसी भी प्रकार की झुग्गी या अस्थाई निर्माण के लिए नगर पंचायत की अनुमति अनिवार्य होगी। साथ ही स्वच्छता के मानकों के तहत शौचालय निर्माण भी आवश्यक किया गया है।
🔹 यूजर चार्ज की व्यवस्था
आयोजन की अनुमति के साथ अब यूजर चार्ज भी देना होगा, ताकि क्षेत्र में व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
🔹 प्रशासनिक प्रक्रिया आगे
ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार गजट नोटिफिकेशन के बाद ये उपविधियां आधिकारिक रूप से लागू हो जाएंगी।
नगर पंचायत बदरीनाथ के ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि यह कदम तीर्थ क्षेत्र की व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।






