रायगढ़ : कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने नगरीय विकास योजनाओं की गहन समीक्षा, समय-सीमा और गुणवत्ता पर जोर

रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सातों नगरीय निकायों की योजनाओं, निर्माण कार्यों, शासन को भेजे गए प्रस्तावों तथा वित्तीय व भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुसार सभी कार्य समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।
कलेक्टर चतुर्वेदी ने निर्माण स्थल चयन, भूमि विवाद और कार्य प्रारंभ में आने वाली बाधाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी सभी समस्याएँ तुरंत संबंधित एसडीएम के संज्ञान में लाई जाएँ और समन्वय के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और कहा कि पात्र लाभार्थियों को आवास समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में रायगढ़ नगर निगम, खरसिया नगर पालिका और नगर पंचायत घरघोड़ा, लैलूंगा, पुसौर, किरोड़ीमल नगर व धरमजयगढ़ में संचालित सभी योजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृतियाँ, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय उपयोग की विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रस्ताव समय पर और पूर्ण दस्तावेजों के साथ शासन को भेजे जाएँ तथा लंबित मामलों का सतत फॉलोअप किया जाए।
अटल आवास एवं अटल परिसर निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, अवैध निर्माण, वुमेन फॉर ट्री अभियान और जल संरक्षण सहित सभी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा भी बैठक में की गई। कलेक्टर ने गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित निरीक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी आधारभूत संरचना में समझौता नहीं होना चाहिए।
साथ ही, नगर निगमों और नगरपालिकाओं में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता और उचित मूल्यांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सिटी डेवलपमेंट प्लान के तहत शहरी विकास, सड़क निर्माण, पेयजल, हरित क्षेत्र और सौंदर्यीकरण पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो और सभी नगरीय निकाय अधिकारियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य की योजनाओं में जनसंख्या वृद्धि, जीवन गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए।












