लैलूंगा : 7 वर्षीय मासूम की हत्या का खुलासा, पड़ोसी महिला और उसके पिता गिरफ्तार

लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्रा में मंगलवार, 25 नवंबर 2025 की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव की 7 वर्षीय बच्ची संध्या राठिया लापता होने के कुछ घंटे बाद पड़ोसी के घर में मृत अवस्था में मिली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव तथा एफएसएल टीम मौके पर पहुँची। प्रारंभिक जांच में ही बच्ची की हत्या की पुष्टि होती दिखाई दी। एसपी ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और वैज्ञानिक जांच के निर्देश दिए।
कैसे सामने आई वारदात
मृतिका के मामा डोलेश्वर राठिया के अनुसार, संध्या को 17 नवंबर को पिता आश्रम से घर लेकर आए थे और वह वहीं रह रही थी। मंगलवार शाम वह खेलने के लिए बाहर निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान जानकारी मिली कि पड़ोसी आरती प्रसाद राठिया उसे अपने घर ले गई थी। परिजन जब तलाश करते हुए आरती के घर पहुँचे तो कमरे में कंबल से ढका संध्या का शव मिला, जिसकी गर्दन में साड़ी लिपटी हुई थी।
पुरानी रंजिश में की गई थी हत्या
लैलूंगा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अप.क्र. 308/2025 धारा 103(1), 238, 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज कर संदिग्ध आरती प्रसाद और उसके पिता लक्ष्मी राठिया को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने पुरानी रंजिश के चलते संध्या की हत्या करने की बात स्वीकार की।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद दोनों ने शव को कमरे में कंबल से ढककर छिपा दिया था। आरोपियों के मेमोरण्डम के आधार पर घटना में प्रयुक्त कंबल को पुलिस ने सबूत के रूप में जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी
- आरती प्रसाद राठिया, उम्र 23 वर्ष
- लक्ष्मी राठिया, उम्र 50 वर्ष
दोनों निवासी – ग्राम कुर्रा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, अतिरिक्त एसपी आकाश मरकाम और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई।












