बीजापुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

1 करोड़ 30 लाख के इनामी 18 माओवादी ढेर, मुठभेड़ में 3 जवान शहीद – आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद
बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ और नैमेड क्षेत्र के कचीलवार–पोटेनार जंगल में 3 और 4 दिसंबर को सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच चली लगातार 23 घंटे की भीषण मुठभेड़ में पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है।
सुरक्षा बलों ने 1 करोड़ 30 लाख रुपये के इनामी 18 माओवादियों को मार गिराया, जिनमें पीएलजीए कंपनी नंबर–02 के कमांडर वेल्ला मोडियम समेत कई शीर्ष स्तर के माओवादी नेता शामिल हैं।
इस ऑपरेशन के दौरान डीआरजी बीजापुर के 3 जवान शहीद हुए, जबकि 3 अन्य जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है और वे खतरे से बाहर बताए गए हैं।
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन – 25 से 30 माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना
बीजापुर पश्चिम बस्तर डिवीजन क्षेत्र के घने जंगलों में पीएलजीए कंपनी नंबर–02 कमांडर मोडियम वेल्ला,
डीवीसीएम मोटू कवासी,
प्लाटून–13 कमांडर झितरू,
तथा 25–30 सशस्त्र माओवादियों की उपस्थिति की पुख्ता जानकारी मिलने पर ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
इसके बाद डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ और कोबरा 210 की संयुक्त टीम को अभियान पर भेजा गया।
- 3 दिसंबर सुबह 9 बजे से मुठभेड़ शुरू हुई
- रुक-रुक कर चलती गोलाबारी 4 दिसंबर सुबह 8 बजे तक जारी रही
यह मुठभेड़ हाल के वर्षों का सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान माना जा रहा है।
18 माओवादी ढेर – कई टॉप कमांडर मारे गए
सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से कुल 18 माओवादियों के शव बरामद किए गए।
इनमें कई कुख्यात और इनामी कैडर शामिल हैं:
पहचाने गए शीर्ष माओवादी
- DVCM वेल्ला मोडियम – 10 लाख का इनाम
- CyPC रैनु ओयाम – 8 लाख
- DVCM सन्नू अवलम – 8 लाख
- PPCM नंदा मीड़ियम
- PPCM लालू उर्फ सीताराम
- PPCM राजू पूनेम
- अन्य 13 माओवादी – प्रत्येक पर 8 लाख का इनाम
दो शवों की पहचान प्रक्रिया जारी है।
इस सफलता के साथ माओवादियों की पीएलजीए कंपनी नंबर–02 को भारी क्षति पहुँची है।
मुठभेड़ में बरामद हथियार व सामग्री
घटनास्थल से बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए:
- 01 LMG
- 04 AK–47 रायफल
- 04 SLR (7.62 mm)
- 01 INSAS (5.56 mm)
- 02 .303 रायफल
- 04 सिंगल शॉट गन
- 02 BGL (Barrel Grenade Launcher)
- बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, पिट्ठू, वायर, गोला-बारूद और नक्सली साहित्य
तीन जवानों ने दी शहादत, तीन घायल
इस अभियान में डीआरजी बीजापुर के तीन जवान वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि तीन घायल जवान खतरे से बाहर हैं।
सुरक्षा बलों ने इसे “बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान” की मिसाल बताया।
निष्कर्ष: माओवादियों को बड़ा नुकसान — सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक
भैरमगढ़–नैमेड क्षेत्र में हुई यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों के लिए एक ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है।
पीएलजीए कंपनी नंबर–02 का सफाया होने से इस क्षेत्र में माओवादियों की गतिविधियों को गंभीर झटका लगा है।






