10 से ज्यादा रन रेट के बीच धोनी ने छोड़ी गेंद, सालों बाद फर्ग्यूसन का बयान

Lockie Ferguson On MS Dhoni: लॉकी फर्ग्यूसन ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत और न्यूजीलैंड के बीच आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2019 सेमीफाइनल के दौरान एमएस धोनी के एक कदम को लेकर रिएक्शन दिया है. 240 रनों का पीछा करते हुए, भारत को 31 गेंदों में 52 रनों की जरूरत थी, जब धोनी ने हैरानी की बात ये है कि फर्ग्यूसन की तरफ से फेंके गए 45वें ओवर की आखिरी गेंद छोड़ दी, जबकि रिक्वायर्ड रन रेट 10 से ज्यादा था.
धोनी ने नहीं लगाई बाउंड्री
इस मौके पर फर्ग्यूसन हैरान रह गए, जिन्होंने बाद में याद किया कि उन्होंने एक खराब गेंद फेंकी थी और उम्मीद की थी कि कोई भी दूसरा बल्लेबाज उस पर चौका या छक्का लगाएगा. 49वें ओवर में, जब भारत को आखिरी 2 ओवर्स में 31 रनों की ज़रूरत थी, तब धोनी ने फर्ग्यूसन की गेंद पर मिचेल सेंटनर के सिर के ऊपर से बैकवर्ड पॉइंट पर छक्का मारा.
फर्ग्यूसन ने ‘द क्विंट’ को दिए गए एक इंटरव्यू में बताया, ‘वो एक बेकार गेंद थी, छोटी और वाइड. मुझे उम्मीद थी कि ज्यादातर बल्लेबाज इसे चौका या छक्का मारेंगे, लेकिन धोनी ने इसे छोड़ दिया. इसलिए प्लान था कि अगली बार उसे कैच आउट किया जाए, ये जानते हुए कि वो शॉट खेलेंगे, और उन्होंने खेला भी. बदकिस्मती से, उस मैच में गेंद फील्डर के सिर के ऊपर से चली गई. मुझे लगता है कि बाउंड्री पर सेंटनर थे.’
धोनी बहुत कैलकुलेटिव हैं
धोनी के छक्का मारने के बाद, उनके भारत को जीत दिलाने की उम्मीदें फिर से जाग गईं. हालांकि, सिर्फ 2 गेंदों के बाद, मार्टिन गुप्टिल के शानदार डायरेक्ट हिट ने धोनी की पारी खत्म कर दी. दूसरे छोर पर युजवेंद्र चहल के साथ स्ट्राइक बनाए रखने के लिए 2 रन लेने की कोशिश में, धोनी रन आउट हो गए क्योंकि गुप्टिल ने तेजी से आकर गेंद उठाई और सटीक निशाने से स्टंप्स पर हिट कर दिया. फर्ग्यूसन ने आगे कहा, ‘लेकिन धोनी बहुत कैलकुलेटिव हैं, खासकर डेथ ओवरों में. इसलिए गुप्टिल (मार्टिन गुप्टिल) के लिए उस मैच में उन्हें रन आउट करना अच्छा था.’
एक रन आउट ने तोड़ा अरबों दिल
इस सेमीफाइनल मैच में धोनी के आउट होने के बाद, भारत के लिए सब कुछ खत्म हो गया. टीम इंडिया आखिर में 49.3 ओवर में 221 रन पर ऑल आउट हो गई, और 18 रनों से मैच हार गई. धोनी ने 72 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 1 चौका और 1 छक्का शामिल था, लेकिन उनकी सारी कोशिशें बेकार गईं. इस हार से भारत वर्ल्ड कप से बाहर हो गया और ये धोनी के इंटरनेशनल करियर आखिरी मैच साबित हुआ.












