हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत, जंगल से लौटने के दौरान हादसा

स्थिति के हिसाब से जमीनी स्तर पर नहीं किए गए सुरक्षा उपाय!
कुड़ेकेला :- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत आने वाले बोरो रेंज में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गाय चराने के लिए जंगल की तरफ गए ग्रामीण का सामान वहां मौजूद हाथी से हो गया और इस दौरान हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार लोकनाथ यादव वल्द तिलुराम यादव निवासी लोटान रोज की तरह बीते 24 दिसंबर की शाम गाय चराने के बाद वापस घर लौट रहा था इसी दौरान बोरो रेंज के खम्हार उत्तर परिसर में विचरण कर रहे एक हाथी के हमले से मौत हो गई। इस घटना के बाद से प्रभावित इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक़ जिस हाथी के हमले से ग्रामीण की मौत हुई है वह अभी भी उसी परिसर के कंपार्टमेंट नंबर 632 पीएफ में विचरण कर रहा है। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत की सूचना पर वन अधिकारी मैदानी अमले सहित मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान वहां उपस्थित अधिकारी ने वन विभाग द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि पीड़ित परिवार को सौंपा है।
इस मामले में फॉरेस्ट गार्ड लारेंस मिंज पर हाथी की उपस्थिति को लेकर कथित तौर पर गलत जानकारी साझा करने के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन रक्षक लारेंस मिंज अपनी ड्यूटी को लेकर संवेदनशील नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट गार्ड द्वारा हाथी को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप में कथित तौर पर भ्रामक जानकारी दी गई जिसके चलते यह घटना हुई। फिलहाल विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है।
कंपार्टमेंट नंबर 632 पीएफ में 10 हाथी मौजूद
धर्मजयगढ़ वन मंडल में विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्तमान समय में कुल 55 हाथी विचरण कर रहे हैं। जिनमें बाकारूमा रेंज के सोखामुड़ा क्षेत्र में 19 हाथियों का दल मौजूद है। वहीं लैलूंगा रेंज के भकुर्रा इलाके में 15 हाथियों का समूह विचरण कर रहा है। इन सब के बीच खम्हार उत्तर परिसर में कंपार्टमेंट नंबर 632 पीएफ में 10 हाथियों का दल घूम रहा है।
सुरक्षा उपायों को लेकर उठ रहे सवाल
विभागीय जानकारी के अनुसार बोरो रेंज में बीते मंगलवार को एक हाथी द्वारा मकान तोड़े जाने का मामला सामने आया था। जिसके बाद खम्हार उत्तर परिसर में 10 हाथियों का मूवमेंट हुआ है। यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि क्षेत्र में घूम रहे हाथी द्वारा ग्रामीण का घर नुकसान किए जाने और समूह में उनके मूवमेंट की आशंका के मद्देनजर आसपास के इलाकों में ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर किस तरह के त्वरित उपाय किए गए। यह भी बड़ा सवाल है कि किसी भी तरह के आपातकालीन स्थिति में हाथियों से सुरक्षा को लेकर अपनाए जाने वाले उपायों का जमीनी स्तर पर उपयोग किया गया या नहीं।












