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कोरबा–रायगढ़ सीमावर्ती जंगलों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जुए का खेल, 52 पारियों का अवैध कारोबार जारी

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छाल । कोरबा और रायगढ़ जिले के सीमावर्ती वन क्षेत्रों में पिछले करीब दो माह से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जुए का खेल संचालित होने की जानकारी सामने आ रही है। विशेष सूत्रों के अनुसार, रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत तरेकेला गांव के दो से तीन व्यक्तियों द्वारा जगह बदल–बदलकर जंगलों में ‘52 पारियों’ (ताश के पत्तों) का जुआ खिलाया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि जुआरियों की यह महफिल कभी कोरबा जिले के रामपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत रामपुर और नोनदरहा के जंगलों में तो कभी रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र के पोड़ी और महराजगंज के आसपास लग रही है। इन स्थानों पर कोरबा, रायगढ़ और शक्ति जिले के कथित खिलाड़ियों को बुलाया जा रहा है।

सीमावर्ती क्षेत्र बना ‘सेफ जोन’

सूत्रों का कहना है कि जिला सीमाओं के पास जंगलों का चयन जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि कार्रवाई की स्थिति में संचालक आसानी से एक जिले से दूसरे जिले की सीमा में प्रवेश कर सकें। इसी वजह से ये इलाके जुआरियों के लिए सुरक्षित ज़ोन बनते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भी इसे लेकर चर्चा है कि रोजाना शाम ढलते ही जंगलों में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अभी तक किसी प्रकार की पुष्टि या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

रोज सज रही जुए की महफिल

मिली जानकारी के अनुसार, यह खेल लगभग रोजाना अलग–अलग स्थानों पर संचालित किया जा रहा है। बताया जाता है कि इसमें बड़ी रकम का लेनदेन होता है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई पर निगाह

अब देखना होगा कि इस सूचना को कोरबा और रायगढ़ पुलिस किस तरह संज्ञान में लेती है। यदि मामले की पुष्टि होती है तो यह अंतरजिला स्तर पर समन्वित कार्रवाई का विषय बन सकता है

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