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जांजगीर–चांपा चक्काजाम पर कानूनी शिकंजा, मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने प्रदर्शन पड़ा भारी

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मछुआ समिति का चक्काजाम बना आम जनता की मुसीबत

जांजगीर–चांपा के बीच स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने मछुआ समिति से जुड़े लोगों द्वारा किया गया चक्काजाम अब कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर करीब तीन घंटे तक मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यह व्यस्त सड़क जाम में तब्दील हो गई। लंबी कतारों में फंसे वाहन इस बात के गवाह बने कि एक आंदोलन कैसे आम लोगों की परेशानी का कारण बन गया।


स्कूली बच्चे, मरीज और कर्मचारी जाम में फंसे

चक्काजाम के दौरान हालात ऐसे बन गए कि स्कूली बच्चे, मरीज, कामकाजी लोग और आम नागरिक घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। कई जरूरी काम अटक गए, वहीं लोग तेज धूप और तनाव में जाम खुलने का इंतजार करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का विरोध सीधे तौर पर आम जनता पर बोझ बन जाता है।


शासकीय कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप

मामले में सहायक संचालक मत्स्य विभाग सीताराम अहिरवार ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में बताया गया है कि जब विभागीय कर्मचारी प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे, तो उनके साथ गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि शासकीय कार्य में जानबूझकर बाधा डाली गई, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।


20 सदस्यों पर नामजद एफआईआर दर्ज

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मछुआ समिति के 20 सदस्यों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221 एवं 126(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।


सार्वजनिक मार्ग जाम करना बताया गंभीर अपराध

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग को जाम करना और शासकीय कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे कृत्यों से न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा भी खतरे में पड़ती है।


तीन घंटे तक ठप रहा जांजगीर–चांपा मुख्य मार्ग

चक्काजाम के चलते जांजगीर–चांपा मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। कई एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो हालात और बिगड़ सकते थे।


एसपी के निर्देश पर सख्त कार्रवाई के संकेत

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (भापुसे) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।


प्रशासन की दो टूक चेतावनी

प्रशासन ने आम नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखें। सड़क जाम और शासकीय कार्य में बाधा डालने से आम जनता को भारी परेशानी होती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों की होती है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहने की चेतावनी दी गई है।

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