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T20 World Cup 2026 : डिफेंडिंग चैंपियन भारत के सामने खड़ी हैं 5 बड़ी चुनौतियां

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भारत से होगी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत

भारतीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ करेगी। इस बार टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं और कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे। भारत अपने घरेलू मैदानों पर खेलते हुए नजर आएगा, जिससे टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतकर इतिहास रचा था और अब वह डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर मैदान में उतरेगी। घरेलू परिस्थितियों में खेलना जहां भारत की ताकत है, वहीं यह दबाव भी बढ़ाता है।

डिफेंडिंग चैंपियन होने का दबाव

भारत ने 2024 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार ट्रॉफी को डिफेंड करने की जिम्मेदारी और घरेलू फैंस की उम्मीदें टीम पर अतिरिक्त मानसिक दबाव डालेंगी। अपने घर में वर्ल्ड कप गंवाने का डर भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

चोट और खराब फॉर्म की चिंता

वर्ल्ड कप से पहले तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर की चोट ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। तिलक वापसी कर चुके हैं, लेकिन सुंदर की उपलब्धता अब भी स्पष्ट नहीं है। वहीं, ओपनर संजू सैमसन खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिनका लय में लौटना टीम के लिए बेहद जरूरी होगा।

ओस का असर और गेंदबाजी की मुश्किल

7 फरवरी से 8 मार्च के बीच होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय मैदानों पर ओस बड़ी भूमिका निभा सकती है। अगर भारत को दूसरी पारी में गेंदबाजी करनी पड़ी, तो खासकर स्पिन गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होंगी।

स्पिन अटैक का सही संयोजन

भारत के पास कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे विकल्प हैं। अक्षर का खेलना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कुलदीप और वरुण को एक साथ मौका मिलेगा। सही स्पिन कॉम्बिनेशन तय करना टीम के लिए अहम होगा।

रोहित-विराट के अनुभव की कमी

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने अब तक टी20 सीरीज नहीं हारी है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति अनुभव की कमी महसूस करा सकती है। इस चुनौती से पार पाना भारत की सफलता की कुंजी होगा।

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