ACB की बड़ी कार्रवाई: दो जिलों में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दो अलग-अलग जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। कोंडागांव और अंबिकापुर में रिश्वतखोरी के मामलों में ACB ने अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कोंडागांव: पेंशन के नाम पर रिश्वत मांगने वाला बाबू गिरफ्तार
कोंडागांव जिले के बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू सतीश सोढ़ी को ACB ने 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। जानकारी के अनुसार, सरपंच पारा मिडिल स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षक सोनसिंह यादव अपनी पेंशन शुरू कराने के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इस दौरान बाबू सतीश सोढ़ी ने पेंशन की फाइल आगे बढ़ाने के बदले 40 हजार रुपये की मांग की।
परेशान होकर पीड़ित शिक्षक ने एसीबी जगदलपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
अंबिकापुर: हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर और बाबू धरे गए
दूसरी बड़ी कार्रवाई अंबिकापुर के गोधनपुर स्थित हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कार्यालय में हुई। यहां एसीबी की टीम ने संभागीय कमिश्नर पीसी अग्रवाल और बाबू अनिल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक ठेकेदार से काम के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों आरोपियों को घूस लेते हुए मौके पर ही धर दबोचा। फिलहाल दोनों से कार्यालय में बैठाकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
लगातार हो रही एसीबी की कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि राज्य में रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। इन कार्रवाइयों के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों में भी खौफ का माहौल है।












