रायपुर में विरोध प्रदर्शन: खामेनेई की मौत के दावों के बाद शिया समुदाय में आक्रोश

रायपुर। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले तथा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के दावों के बाद राजधानी रायपुर में शिया समुदाय के बीच गम और आक्रोश का माहौल देखा गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दावों के बीच शहर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।
शहर के मोमिनपारा इलाके में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पोस्टर लगाकर विरोध जताया गया। पोस्टरों पर ‘डाउन टू अमेरिका’ और ‘डाउन टू इजरायल’ जैसे नारे लिखे गए थे। कुछ स्थानों पर पोस्टरों पर स्याही फेंकी गई और लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया।
मोमिनपारा और पंडरी जैसे शिया बहुल इलाकों में इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर शोक सभाएं आयोजित की गईं। पंडरी स्थित इमाम बारगाह में मजलिस कर श्रद्धांजलि दी गई। खोजा जमात सहित विभिन्न संगठनों के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए और शांति बनाए रखने की अपील की।
बताया जा रहा है कि हमला ईरान की राजधानी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) के मुख्यालय को निशाना बनाकर किया गया। सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय सूत्रों में यह दावा किया गया कि हमले के समय खामेनेई अपने कार्यालय में मौजूद थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के दावों के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में भी शिया समुदाय द्वारा विरोध और शोक सभाओं की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।





