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रायगढ़ जिले में मां ने अपने ही ढाई साल के बेटे का सिर पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी और शव को जंगल की गहरी खाई में फेंक दिया। दो दिनों तक पुलिस और परिजनों को अपहरण की झूठी कहानी सुनाकर गुमराह करती रही।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक निर्दयी मां ने अपने ढाई साल के मासूम बच्चे की हत्या कर दी। महिला ने बच्चे के सिर पर पत्थर से वार किया और शव को जंगल की खाई में फेंक दिया। बाद में उसने पुलिस और परिजनों को बच्चे के गुमशुदगी और अपहरण की झूठी कहानी सुनाई।
पुलिस ने आज आरोपी महिला सोनमती सरोती मंझवार (27 साल) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना कापू थाना क्षेत्र के ग्राम पारेमेर फिटिंगपारा की है। बोधराम मंझवार (28 साल) ने 16 अप्रैल को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी पत्नी और दोनों बच्चे 16 अप्रैल की सुबह घर पर थे।
दोपहर में घर लौटने पर कोई नहीं मिला। शाम को बेटी दूलबाई (साढ़े चार साल) अकेली लौटी और बताया कि मां छोटे भाई अनुज (ढाई साल) को लेकर नानी घर गई है। परिजन और ग्रामीण दो दिन तक जंगल में तलाश करते रहे। 18 अप्रैल की रात रानीगौवा पहाड़ के पास खून के धब्बे मिले। पास की गहरी खाई में मासूम अनुज का शव मिला, जिसके सिर पर गंभीर चोटें थीं।
शव मिलने के बाद कापू पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने संदेही महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। महिला लगातार पुलिस को अपहरण की झूठी कहानी सुनाकर गुमराह करती रही। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह बच्चों को लेकर मायके जा रही थी। रास्ते में उसने बेटी को घर भेज दिया और बेटे अनुज को गोद में लेकर पहाड़ी चढ़ रही थी। थकान होने पर उसने बेटे को पैदल चलने को कहा, लेकिन अनुज जमीन पर बैठ गया। गुस्से में आकर महिला ने उसे जमीन पर पटका और सिर पर पत्थर से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कापू पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर और अन्य साक्ष्य जब्त किए, जिसके बाद महिला को हत्या की धारा 103 (1) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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