परशुराम जन्मोत्सव पर बड़ा ऐलान: किरोड़ीमल नगर में बनेगा “भगवान परशुराम चौक”, भूमिपूजन के साथ शुरू हुआ ऐतिहासिक कार्य

धूमधाम से मनाया गया जन्मोत्सव, श्रद्धा और सामाजिक एकता का दिखा अनोखा संगम
रायगढ़। नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर में भगवान विष्णु के अवतार और सप्त चिरंजीवियों में से एक भगवान परशुराम के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन आजाद चौक स्थित सांस्कृतिक भवन में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही।
अतिथियों के स्वागत से गूंजा मंच, परशुराम चौक निर्माण का मिला स्पष्ट संकेत
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत भगवान परशुराम वंशज समिति के सदस्यों द्वारा पारंपरिक तरीके से किया गया। मुख्य अतिथि हरिकिशोर चन्द्रा ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम को नमन करते हुए जल्द ही “भगवान परशुराम चौक” के निर्माण कार्य को शुरू कराने की घोषणा की और सभी श्रद्धालुओं को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
शास्त्र और शस्त्र के प्रतीक परशुराम: वक्ताओं ने रखे ओजस्वी विचार
विशिष्ट अतिथि विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामचंद्र शर्मा ने भगवान परशुराम को शास्त्र और शस्त्र दोनों के ज्ञाता बताते हुए उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वहीं, अमरनाथ सिंह ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन, चौक निर्माण को मिली औपचारिक शुरुआत
कार्यक्रम के बाद सभी जनप्रतिनिधि और आयोजन समिति के सदस्य चौक स्थापना स्थल पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक मनीष शर्मा ने जानकारी दी कि चौक का निर्माण नगर पंचायत द्वारा कराया जाएगा, जबकि भगवान परशुराम की प्रतिमा की स्थापना विप्र फाउंडेशन द्वारा की जाएगी।
जनभागीदारी और सामाजिक समरसता का उदाहरण बना आयोजन
पूरे आयोजन के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष रुखसाना इकबाल, पार्षदगण, पूर्व पार्षद, विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में शरबत वितरण कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया गया। मंच संचालन मनीष शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राजकिशोर सिंह द्वारा किया गया।
स्थानीय स्तर पर धार्मिक आस्था के साथ विकास का संदेश, लोगों में दिखा उत्साह
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि नगर के विकास की दिशा में एक नई पहल का संकेत भी दिया। “भगवान परशुराम चौक” के निर्माण से क्षेत्र में सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।






