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राजधानी में अपराध नियंत्रण के लिए नई बीट प्रणाली लागू: पुलिस कमिश्नर ने एसआई से हवलदार तक को बनाया प्रभारी

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पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पूर्व की बीट व्यवस्था को अप्रभावी मानते हुए नए सिरे से बीट व्यवस्था लागू करने निर्देश जारी किए हैं।

रायपुर। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा बदमाशों को पुलिस की मजबूती से उपस्थिति का मैसेज देने पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पूर्व की बीट व्यवस्था को अप्रभावी मानते हुए नए सिरे से बीट व्यवस्था लागू करने निर्देश जारी किए हैं। साथ ही बीट प्रभारियों के लिए 12 बिंदुओं पर जिम्मेदारी तय की गई है। इसके अलावा एसीपी, एडीसीपी स्तर के अफसर अपने क्षेत्र के थानों का भ्रमण कर त्रैमासिक रिपोर्ट कार्ड तैयार कर पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट करेंगे।

राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद लोगों को अपराध नियंत्रण पर लगाम लगने की उम्मीद थी।  राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुए तीन माह से ज्यादा समय हो गया है। इन तीन महीनों में पुलिस ने बदमाशों पर अंकुश जरूर लगाया है, इससे अपराध का ग्रॉफ पूर्व से थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन उम्मीद के अनुसार अपराध पर नियंत्रण नहीं लग पाया है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नर ने नई बीट प्रणाली लागू करने निर्देश दिए हैं। नई बीट प्रणाली 30 अप्रैल से लागू होगी।

नई बीट प्रणाली के उद्देश्य निर्धारित

  • क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करना।
  • अपराध एवं कानून व्यवस्था से संबंधित रियल टाइम में आसूचना संकलित करना।
  • आपराधिक एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करना।
  • आम जनता के साथ प्रगाढ़ संबंध स्थापित करना।
  • संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों एवं मुसाफिरों की जानकारी रखना।

ऐसी होगी नई बीट प्रणाली

  • प्रत्येक थाना प्रभारी थाना क्षेत्र के भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या का घनत्व, आपराधिक आंकड़े एवं कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए थाना क्षेत्र को बीट में विभाजित करेंगे। बीट का भौगोलिक आकार ऐसा हो, जिस पर बीट अधिकारी का प्रभावी नियंत्रण रहे।
  • प्रत्येक बीट में प्रधान आरक्षक से उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को बीट की संवेदनशीलता के अनुरूप बीट प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। बीट प्रभारी अधिकारी के साथ सहायक बीट अधिकारी के रूप में आरक्षकों को बीट की आवश्यकता के अनुरूप नियुक्त किया जायेगा।
  • प्रत्येक बीट प्रभारी एवं सहायक अधिकारी अपने पास एक छोटी डायरीर खेंगे, जिसके 2 भाग होंगे, भाग एक में बीट के क्षेत्र, बीट में रहने वाले वाले प्रमुख व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों के नाम, बीट की आपराधिक स्थिति, बीट के गुण्डा बदमाश आदि की जानकारी दर्ज की जाएगी। भाग दो में भ्रमण के दौरान उन बीट अधिकारियों को बीट क्षेत्र की आपराधिक गतिविधियों, कानून-व्यवस्था एवं अन्य महत्वपूर्ण जो सूचनाएं मिलती है. उनके द्वारा दर्ज किया जाएगा।
  • थाना प्रभारी सप्ताह में एक बार बीट अधिकारियों की नोटबुक का अवलोकन कर उस पर हस्ताक्षर करेंगे तथा कार्रवाई योग्य सूचना पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।
  • प्रत्येक बीट के ऐसे शासकीय भवन या स्थान, जो सामान्य रूप से दृष्टिगोचर हों, वहां दीवार पर व्यवस्थित रूप से बीट के प्रभारी अधिकारी एवं सहायक बीट अधिकारियों के नाम एवं उनके मोबाइल नंबर लिखने निर्देश दिए गए हैं।

थाना स्तर पर संधारित अभिलेख
थाना प्रभारी थाने में बीट रजिस्टर का संधारण करेंगे, जिसमें प्रत्येक बीट क्षेत्र के प्रभारी एवं सहायक बीट प्रभारी के नाम एवं गोबाइल नंबर तथा उक्त बीट अधिकारियों की आसूचना पर की गई कार्रवाई का उल्लेख करेंगे। उक्त रजिस्टर को बीट की संख्या के अनुरूप समान भाग में विभाजित किया जाएगा।

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