कांग्रेस ने वंशवादी राजनीति और वोट-बैंक की सोच से प्रेरित होकर, इस बिल का विरोध करके देश भर की 70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के रास्ते में रुकावट डाली है. साय ने आगे आरोप लगाया कि परिसीमन, धर्म-आधारित आरक्षण और क्षेत्रीय विभाजन जैसे मुद्दों को विपक्ष ने जानबूझकर उठाया, ताकि महिलाओं के आरक्षण बिल को पास होने से रोका जा सके.
कांग्रेस और INDI गठबंधन को आधी आबादी को उनके हकदार नेतृत्व के अवसर से वंचित करने के इस घोर पाप के परिणाम भुगतने होंगे. छत्तीसगढ़ और पूरे देश की महिलाएं इसका कड़ा जवाब देंगी- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के उदाहरण गिनाए
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पंचायतों में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को सशक्त किया गया. वर्तमान में प्रदेश की पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी 57% तक पहुंच चुकी है, जबकि विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है. उन्होंने कांग्रेस पर “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण पर कांग्रेस सिर्फ राजनीति करती रही है, लेकिन जब निर्णय का समय आता है तो पीछे हट जाती है.
17 अप्रैल का दिन महिला अधिकारों के लिए काला अध्याय: अरुण सिंह
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि 17 अप्रैल का दिन महिला अधिकारों के लिए “काला अध्याय” बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध कर महिलाओं का अपमान किया है.सिंह ने शाहबानो केस और ट्रिपल तलाक कानून जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के मुद्दों पर नकारात्मक रहा है.
संसद में विपक्ष के रवैए पर उठाए सवाल
अरुण सिंह ने दावा किया कि जब यह विधेयक गिरा, तब विपक्षी दलों ने संसद में जश्न मनाया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के सभी सवालों के जवाब दिए, यहां तक कि बिल का श्रेय भी विपक्ष को देने की बात कही, फिर भी कांग्रेस का रुख नकारात्मक रहा.
परिसीमन और सीट बढ़ोतरी का भी मुद्दा उठाया
भाजपा नेताओं ने परिसीमन के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा. उनका कहना है कि 1971 की जनगणना के मुकाबले अब देश की आबादी 140 करोड़ तक पहुंच चुकी है, इसलिए लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण जरूरी है. छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा और लोकसभा सीटों के बढ़ने की संभावना जताई गई.
बूथ स्तर तक जाएगी भाजपा
भाजपा ने साफ किया कि वह इस मुद्दे को लेकर बूथ स्तर तक अभियान चलाएगी और कांग्रेस के महिला विरोधी चरित्र को जनता के सामने लाएगी. नेताओं ने दावा किया कि आने वाले चुनावों में इसका राजनीतिक असर जरूर देखने को मिलेगा.