वेतन नहीं तो, काम नहीं
कचरा कलेक्शन का काम संभाल रही रामकी कंपनी के कर्मचारियों ने रविवार सुबह से ही गाड़ियां खड़ी कर दीं। शहर के दलदल सिवनी इलाके में सैकड़ों कचरा गाड़ियां खड़ी रहीं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि हर महीने 7 तारीख तक वेतन मिल जाता है, लेकिन इस बार अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
कर्मचारी बोले- मजबूरी में काम बंद करना पड़ा
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन में देरी की समस्या नई नहीं है। पहले भी कई बार पेमेंट लेट हुआ है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि मजबूरी में उन्हें काम बंद करना पड़ा है। वेतन नहीं मिलेगा तो घर कैसे चलेगा।
कंपनी पर पहले लग चुका जुर्माना
यहां बता दें, रामकी कंपनी और नगर निगम के बीच सफाई व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इससे पहले भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। उस दौरान नगर निगम ने कंपनी पर सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 18 लाख रुपए की कटौती और 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे।
महापौर भी जता चुकी नाराजगी
तत्कालीन समीक्षा बैठक में महापौर मीनल चौबे ने कंपनी के स्थानीय अफसरों को तलब कर नाराजगी जताई थी। उन्होंने साफ कहा था कि शहर की सफाई व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में अचानक हड़ताल होने पर अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी को निगम ने सख्त निर्देश
नगर निगम ने पहले ही यह कह दिया था कि कंपनी को भुगतान तभी किया जाएगा, जब काम संतोषजनक मिलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में कंपनी के अनुबंध की समीक्षा भी की जा सकती है।