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PM Shri School Conversion Controversy: जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा नगर का पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला इन दिनों गंभीर विवादों के कारण सुर्खियों में है। स्कूल की हेड मास्टर लक्ष्मी देवी भारद्वाज पर बच्चों को हिन्दू संस्कृति और देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काने तथा धर्मांतरण के लिए प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल में ऐसी गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब मामला सार्वजनिक होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों सवालों के घेरे में हैं।
‘गॉड इज ग्रेट’ सिखाने के आरोप से बढ़ा विवाद
ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों को राष्ट्रगान “जन गण मन” की जगह “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य सिखाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों को हिन्दू परंपराओं और देवी-देवताओं के खिलाफ बातें बताई जाती थीं।
गांव में यह जानकारी फैलते ही लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी। अभिभावकों ने सवाल उठाया कि सरकारी स्कूल में शिक्षा के नाम पर आखिर किस तरह की विचारधारा बच्चों तक पहुंचाई जा रही है। इस पूरे मामले ने इलाके में धार्मिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है।
शिकायतों के बाद भी विभाग पर चुप्पी के आरोप
ग्रामीणों और हिन्दू संगठनों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत कई महीनों से शिक्षा विभाग को दी जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी नाराजगी के बीच 7 मई को ग्राम भिलाई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में लोगों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने पूरे मामले को उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। शिविर में मामला उठने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आधार पर तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया।
धर्मांतरण के साथ वित्तीय गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए
मामले की जांच आगे बढ़ी तो स्कूल में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी सामने आने लगे। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन समिति की राशि का उपयोग स्वयं किया गया और बाद में समिति से अनुमोदन लेने की कोशिश की गई।
इसके अलावा वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक समग्र शिक्षा और अन्य मदों से मिली अनुदान राशि में फर्जी बिल-वाउचर लगाने तथा रिश्तेदारों के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि निकालने जैसी शिकायतें भी दर्ज हुई हैं। विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संबंधित प्रधान पाठक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
डीईओ की कार्रवाई के बाद भी कई सवाल बाकी
जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा तय किया गया है। वहीं थाना बलौदा में लोक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रकरण भी दर्ज किया गया है। हालांकि ग्रामीण अब भी पूछ रहे हैं कि यदि शिकायतें पहले से थीं तो कार्रवाई इतनी देर से क्यों हुई।
यहां देखें आदेश
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