महासमुंद में 1.5 करोड़ की एलपीजी गैस चोरी का खुलासा: जिला खाद्य अधिकारी समेत गैस एजेंसी संचालक पर गंभीर आरोप

महासमुंद में एलपीजी गैस चोरी का बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी गैस गबन के बड़े मामले का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस पूरे मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और उन्हें इस साजिश का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच में सामने आया है कि गौरव गैस एजेंसी से जुड़े लोगों की मदद से करोड़ों रुपए की एलपीजी गैस का गबन किया गया। पुलिस के अनुसार यह मामला करीब 1.5 करोड़ रुपए की आर्थिक अनियमितता और गैस चोरी से जुड़ा हुआ है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
गौरव गैस एजेंसी से जुड़ी साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा खेल गौरव गैस एजेंसी के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि गैस सिलेंडरों और सप्लाई रिकॉर्ड में हेराफेरी कर एलपीजी गैस को अवैध तरीके से खपाया जा रहा था। जांच एजेंसियों को दस्तावेजों और लेनदेन में कई गड़बड़ियां मिली हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में विभागीय अधिकारियों और एजेंसी से जुड़े लोगों की मिलीभगत सामने आई है। जांच के दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे बड़े स्तर पर गैस गबन और सरकारी नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। इस खुलासे के बाद खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव पर गंभीर आरोप
मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पूरे नेटवर्क को संचालित करने में उनकी अहम भूमिका थी। आरोप है कि विभागीय पद का फायदा उठाकर गैस वितरण और रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और वित्तीय लेनदेन के साथ अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





