सीएम विष्णुदेव साय बोले—मोदी सरकार का 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की विशेष बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों को आदिवासी उत्थान और नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में “स्वर्णकाल” बताया।
बस्तर में विकास और सुरक्षा पर जोर
सीएम साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ अभियानों के माध्यम से विकास योजनाओं को सैचुरेशन मोड में लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गांवों तक सरकारी योजनाएं सीधे पहुंच सकें।
जनजातीय गौरव और योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ आदिवासी समाज के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बताया गौरव का प्रतीक
सीएम साय ने कहा कि द्रौपदी मुर्मु का देश की पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति बनना करोड़ों आदिवासियों के सम्मान का प्रतीक है, जिसने पूरे देश में आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है।
विकास योजनाओं और कनेक्टिविटी पर फोकस
उन्होंने बताया कि बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है। साथ ही पेसा कानून, लघु वनोपज खरीदी, कृषक उन्नति योजना और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का सक्रिय भागीदार बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।







