अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भारत को बड़ी राहत, तेल से लेकर शेयर बाजार तक दिखेगा असर

United States के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा Truth Social पर ईरान के साथ शांति समझौते की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Iran के साथ समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक गतिविधियां सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में राहत के संकेत मिले हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 83 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल कीमतों में यह नरमी India जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में गिरावट का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल और LPG पर मिल सकती है राहत
कच्चे तेल की कीमत कम होने से तेल विपणन कंपनियों की लागत घट सकती है। इसका असर आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। ईंधन सस्ता होने से परिवहन लागत घटेगी, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव कम हो सकता है।
शेयर बाजार में सुधरेगा निवेशकों का भरोसा
मिडिल ईस्ट तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार का सेंटीमेंट भी मजबूत हो सकता है। तेल कीमतों में गिरावट का फायदा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और पेंट्स सेक्टर को मिल सकता है। इससे BSE Sensex और NIFTY 50 में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।
रुपये को मिल सकती है मजबूती
तेल आयात बिल घटने से भारत का व्यापार घाटा कम हो सकता है। इससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर बना दबाव कम होने की संभावना है। विदेशी मुद्रा भंडार पर सकारात्मक असर पड़ने से रुपये को स्थिरता मिल सकती है।
खाड़ी देशों में भारतीयों को राहत
खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय प्रवासी काम करते हैं। क्षेत्रीय तनाव कम होने से वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और रोजगार को लेकर बनी चिंता घट सकती है। यह उन परिवारों के लिए भी राहत की खबर है, जो विदेश से आने वाली आय पर निर्भर हैं।







