रायगढ़ में क्षेत्रीय FSL प्रयोगशाला से जांच प्रक्रिया शुरू, पहला गांजा सैंपल हुआ जमा

रायगढ़। जिले में स्थापित क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो गई है। अब रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिलों के थानों में जब्त व्हीसरा, नारकोटिक्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच स्थानीय स्तर पर ही की जा रही है।
इसी क्रम में 17 जून को थाना लैलूंगा द्वारा एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में जब्त मादक पदार्थ (गांजा) को परीक्षण के लिए क्षेत्रीय FSL रायगढ़ में जमा कराया गया। यह इस प्रयोगशाला में जांच हेतु जमा किया गया पहला मादक पदार्थ है।
मुख्यमंत्री ने किया था प्रयोगशाला का शुभारंभ
गौरतलब है कि 17 मई को सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजमहल के समीप इस आधुनिक क्षेत्रीय FSL का शुभारंभ किया था।
अब स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच
इस प्रयोगशाला में अब एनडीपीएस, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (सेरोलॉजी, सीमेन एवं ब्लड) से संबंधित परीक्षण स्थानीय स्तर पर किए जा रहे हैं। इससे पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
पहले इन तीन जिलों की पुलिस को जांच के लिए सैंपल बिलासपुर स्थित FSL भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। अब स्थानीय सुविधा मिलने से जांच प्रक्रिया तेज होगी और लंबित मामलों के निराकरण में भी तेजी आएगी।
जांच प्रणाली होगी अधिक प्रभावी
सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि फॉरेंसिक जांच की भूमिका अब आपराधिक मामलों में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। यह प्रयोगशाला क्षेत्रीय पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को अधिक सटीक बनाएगी।






