धरमजयगढ़ में केपीसीएल कोयला खदान परियोजना का विरोध तेज, सैकड़ों ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

धरमजयगढ़। कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केपीसीएल) की प्रस्तावित 1610.75 हेक्टेयर कोयला खदान परियोजना को लेकर धरमजयगढ़ क्षेत्र में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एकजुट होकर पहुंचे और परियोजना के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
ग्रामसभा का विरोध, मंत्री को भेजा पत्र
ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्रामसभा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को पत्र भेजकर प्रस्तावित कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना उनके जंगल, जल, जमीन और आजीविका पर सीधा असर डालेगी।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून, संविधान की पांचवीं अनुसूची और हाथी संरक्षण नियमों का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामसभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना का विरोध कर चुकी है। उनका आरोप है कि खनन से वन क्षेत्र, हाथियों का आवास, कृषि भूमि, जलस्रोत और धार्मिक स्थल प्रभावित होंगे।
अनुमति को लेकर प्रशासन पर सवाल
विरोध प्रदर्शन के दौरान एसडीएम प्रवीण भगत ने कहा कि सभा या प्रदर्शन के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में आवेदन देकर पावती प्राप्त की थी। इस पर प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
कार्रवाई को लेकर असमंजस
स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन के बाद संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चाएं हैं, हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देना उनका संवैधानिक अधिकार है।
जनविरोध से बढ़ा तनाव
भारी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी से स्पष्ट है कि परियोजना को लेकर क्षेत्र में गहरा असंतोष है। लोगों का आरोप है कि परियोजना के प्रभावों को लेकर पर्याप्त जानकारी और जनजागरूकता नहीं दी गई।धरमजयगढ़ में केपीसीएल की प्रस्तावित कोयला खदान को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा है, जिससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक गंभीर राजनीतिक व सामाजिक स्वरूप ले सकता है।






